- कुंभ के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जारी एसओपी का पालन और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रचार-प्रसार।
- कुंभ मेले के वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और कोविड निगेटिव सर्टिफिकेट की अनिवार्यता का प्रचार-प्रसार।
- शाही स्नानों पर वीआईपी मूवमेंट पर रोक रहेगी, जो आने चाहते हैं वह सामान्य श्रद्धालु बनकर आए।
- कुंभ मेले के दौरान होने वाली घटनाओं एवं राष्ट्री विरोधी तत्वों के संबंध में सूचनाओं का आदान-प्रदान व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से किया जाएगा।
- ट्रैफिक डायवर्जन की सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए सीमावर्ती राज्यों के नोडल अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा।
- शाही स्नानों के दिन यातायात दबाव होने पर यूपी की भूमिका पर महत्वपूर्ण होगी। जल्द ही बुलाई जाएगी सीमावर्ती राज्यों के एसपी और थाना प्रभारियों की बैठक।
- ट्रेनों में अधिक भीड़ होने पर नजीबाबाद और सहारनपुर के रेलवे स्टेशनों को भी एक्टिव किया जाएगा।
- कुंभ मेले के मार्गों पर सीमावर्ती राज्यों ने एंबुलेंस और क्रेन की व्यवस्था पर सहमति दी।
- संपर्क एवं संचार के लिए वायरलेस का उपयोग और एक कॉमन फ्रीक्वेंसी की व्यवस्था की जाएगी।
- प्रत्येक राज्य एवं एजेंसी में एक वरिष्ठ अधिकारी को कुंभ में समन्वय के लिए नोडल अधिकारी बनाया जाएगा।
- प्रत्येक राज्य की ओर से सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग की जाएगी और सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा।
- कुंभ मेले के प्रचार-प्रसार के लिए प्रत्येक राज्य के लिए फेसबुक आईडी बनाई जाएगी, जिस पर कुंभ से जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
- अंतर्राज्यीय अपराधियों, मानव तस्करी, जेब कतरों, इनामी बदमाशों की जानकारी साझा करने पर सहमति बनी।
- अंतर्राज्यीय बैरियरों, चैक पोस्ट (चिड़ियापुर, नारसन, लखनौता, काली नदी) पर संयुक्त चेकिंग की व्यवस्था।