उत्तराखंड में मैगी की बिक्री को हरी झंडी भले ही मिल गई हो, लेकिन संकट पूरी तरह टला नहीं है। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुंबई हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत ही मैगी की बिक्री पर से रोक हटाई गई है।
बाजार में उतरने के बाद मैगी की दोबारा सैंपलिंग होगी, जिसमें क्लीन चिट मिलने के बाद ही बिक्री जारी रखने की अनुमति मिलेगी। सैंपल लेने का काम दो तीन दिन में शुरू कर दिया जाएगा।
देशभर में मैगी के सैंपल बैन होने के बाद राज्य सरकार ने भी इसकी बिक्री पर बैन लगा दिया था। तीन जून को राज्य सरकार के बैन लगाने के बाद पांच जून को केंद्र सरकार ने भी देशभर में मैगी के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगा दी थी।