फॉर्म भरने के दौरान टोकन के तौर पर दस हजार रुपये और परीक्षा पास कराने के लिए करीब दो लाख रुपये पर सहमति बनी थी। जांच में अभ्यथियों के सेवायोजन कार्यालय के रजिस्ट्रेशन नंबर चेक किये गये तो इसमें अधिकांश नंबर बंद चल रहे थे।
फॉर्म में दिए नंबर मोबाइल नंबरों से जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया तो इसमें कासमपुर मुरादाबाद निवासी सुरेश पुत्र रमेश का मोबाइल ही बैंक से पंजीकृत था।
इसके चलते बैंक से संपर्क कर सुरेश की फोटो प्राप्त करने के बाद उसकी तस्दीक की गई और उसे मुरादाबाद पहुंचकर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सुरेश ने बताया कि उसने यह परीक्षा परिचित कांठ मुरादाबाद निवासी सर्वेश यादव के कहने पर दी थी।
सुरेश एक प्राइमरी स्कूल में अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस टीम ने सुरेश की निशानदेही पर सर्वेश को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सर्वेश ने बताया कि इसका मास्टरमाइंड देवेंद्र कृष्ण है जो अमरोहा में फायरमैन के पद पर कार्यरत है। इसके बाद देवेंद्र के बारे में और जानकारी जुटाई।
पता चला कि वह परीक्षा के समय में अमरोहा में तैनात था, लेकिन वह अब बिलासपुर में तैनात है। इस पर पुलिस टीम ने बिलासपुर पहुंच कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद टीम को और जानकारियां मिलीं। इसके बाद पुलिस ने जसपुर निवासी अवतार सिंह, अनिल कुमार, अंचल कुमार, सोनू सिंह, धर्मेंद्र सिंह, काशीपुर निवासी अंकित कुमार को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया।