होली का त्योहार और गैस की किल्लत। देहरादून में आजकल बहुत से उपभोक्ताओं इसी बात से परेशान हैं।
बुकिंग कराने के बाद कइयों को सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। कुछ लोग गैस एजेंसियों के गोदाम पर जाकर सिलेंडर ला रहा हैं तो कुछ को वहां से भी टरका दिया जा रहा है।
दावे को झुठला रहे एजेंसियों के आंकड़े
हालांकि, तेल कंपनियों का दावा है कि शहर में जरूरत के अनुसार गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। लेकिन गैस एजेंसियों के आंकड़े इस दावे को झुठला रहे हैं।
चार अंकों में पहुंच चुका बैकलाग का आंकड़ा बताता है कि रोजाना हजारों लोगों को सिलेंडर नहीं मिल रहा है। गैस एजेंसियां इसके पीछे वित्तीय वर्ष के अंत में सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए मची मारामारी को जिम्मेदार बता रही हैं।
लेकिन जानकारों का कहना है कि बैकलाग की आड़ में जमकर कालाबाजारी हो रही है। गैस की किल्लत बढ़ती जा रही है, लेकिन न तो तेल कंपनियों ने कोई कदम उठाया है न ही जिला प्रशासन ने।
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के अध्यक्ष चमन लाल का कहना है कि लोगों के पेनिक ने दबाव बढ़ाया है। गैस आम दिनों की तरह आ रही है, लेकिन अतिरिक्त बुकिंग से बैकलॉग बढ़ रहा है।
यह है हाल
अपर राजीव नगर निवासी रवींद्र पाल ने 25 जनवरी को आधुनिक गैस एजेंसी से गैस बुक कराई थी, लेकिन अभी तक इंतजार खत्म नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि एजेंसी के चक्कर काटते-काटते थक चुके हैं।
सिलेंडर न मिलने पर उनके घर में अंगीठी पर खाना बन रहा है। जबकि एक लड़का ब्लैक में 1100 रुपए में सिलेंडर देने की बात कह रहा है।
आदर्श एनक्लेव, अनुराग चौक निवासी रेनू पाहवा ने 2 फरवरी को प्रीमियर गैस एजेंसी से सिलेंडर बुक कराया था, जो अभी तक नहीं मिल पाया।
उनके पति महेश कुमार ने बताया कि हर रोज एजेंसी पर जाते हैं, तो एजेंसी कर्मचारी गैस नहीं आने का बहाना बना देते हैं। जबकि अभी उनके कोटे के सिर्फ 7 सिलेंडर ही पूरे हो सके हैं।
काशीपुर से भी आ रही गैस
देहरादून सहित पूरे गढ़वाल मंडल में हरिद्वार के बहादराबाद स्थित आईओसी प्लांट से हर रोज 55 ट्रक सिलेंडर निकलते हैं। इसमें से शहर में करीब 25-30 ट्रक आते हैं।
मार्च में मांग बढ़ने पर रविवार को भी प्लांट चलाया जा रहा है। साथ ही काशीपुर से भी ऋषिकेश और हरिद्वार में सप्लाई की जा रही है। आईओसी के उत्तराखंड एरिया मैनेजर वीके सुंद्रियाल बताते हैं कहीं कोई परेशानी है तो जांच कराई जाएगी।
सॉफ्टवेयर से रखी जाती है नजर
तेल कंपनियां ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के जरिये एजेंसियों पर नजर रखती हैं। वीके सुंद्रियाल के अनुसार हर कस्टमर का एक कार्ड होता है, जिस पर इंट्री की जाती है।
बुकिंग के समय पहली इंट्री होती है और फिर डिलिवरी के बाद। समय-समय पर एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया जाता है। उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए टर्नर रोड स्थित ऑफिस में कस्टमर सर्विस सेल बनाया गया है।
उपभोक्ता 0135-2644545 या टोल फ्री नंबर- 1800233555 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
कमी तो छोटे में गैस कहां से...
लोगों को सिलेंडर के लिए महीने भर से अधिक इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन छोटे गैस सिलेंडर हाथों-हाथ भरे जा रहे हैं। इसके लिए 200 से 250 रुपए प्रति किलो तक वसूले जा रहे हैं।
डिस्पेंसरी रोड, कांवली रोड, सहारनपुर रोड, हनुमान चौक, प्रेमनगर, राजीव नगर, माजरा आदि क्षेत्रों में यह गोरखधंधा खुलेआम चल रहा है, लेकिन जिला पूर्ति विभाग खामोश है।
सवाल यह भी है कि गैस संकट के बावजूद रिफिलिंग के लिए सिलेंडर कहां से आ रहे हैं।