पुरानी तहसील रुड़की निवासी ममलेश बंसल और बालेश बंसल की मंगलौर निवासी बहन का बुधवार सुबह निधन हो गया।
सूचना मिलते ही पूरा परिवार शोक में डूब गया। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सब लोग मंगलौर आए।
उसके बाद लौटने पर ममलेश ने अपनी पत्नी प्रभा के साथ पड़ाव स्थित पोलिंग बूथ पर जाकर वोट डाला।
उन्होंने बताया कि उनके भाई बालेश भी पत्नी कनक बंसल के साथ वोट डालने पहुंचे। उनके जज्बे के बारे में सुनकर लोग उनकी तारीफ करते रहे।
100 साल से अधिक उम्र के वोटर
लक्ष्मीपुर निवासी 104 वर्षीय कलिराम वोट के लिए अपने बेटे के साथ स्कूटर में बैठकर पूर्व माध्यमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर के बूथ पर पहुंचे तो उनकी उत्सुकता देखने लायक थी। बताया कि राष्ट्र के निर्माण में एक-एक वोट कीमती है।
ताकि देश न पड़े बीमार
107 वर्षीय मनीतो देवी अपने पोते के साथ वोट डालने आई तो उनका हौसला देखने लायक था।
प्राइमरी स्कूल प्रथम सेलाकुई स्कूल में बूथ पर मनीतो ने कहा कि वोट इसलिए करती हूं ताकि देश बीमार न पड़े।
नहीं छोड़ूंगी मताधिकार
कनबुआ निवासी 105 वर्षीय चंद्रा देवी जब पोलिंग बूथ पर पहुंची तो लोगों की निगाहें उन पर टिक गईं। चंद्रा कहतीं हैं कि मतदान हमारा अधिकार है और अपने अधिकार मरते दम तक नहीं छोड़ूंगी।
रास्ते में रोक समझाया, ऐसे दबाना बटन
हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के मेंहूवाला माजरी मतदान केन्द्र पर सुबह छह बजे से कतार लगनी शुरू हो गई थी।
सड़क पर बनाए गए प्रत्याशियों के टेबल पर समर्थकों का जमावड़ा था। पुरुष हो या महिलाएं, सभी वोट डालने के लिए बेहद जागरूक दिखे।
समर्थक रास्ते में लोगों को ईवीएम का बटन दबाने की सीख देते नजर आए।
न पत्ता हिला, न वर्दी
देहरादून से जुड़ी पांचों विधानसभाओं में चुनाव शांतिपूर्ण खत्म हो गए। न पत्ता हिला और न वर्दी को मशक्कत करनी पड़ी।
दिन भर पुलिसकर्मी कुर्सियों पर बैठे ऊंघते रहे। समर वैली स्थल के बूथ पर इक्का-दुक्का पुलिसकर्मी खर्राटे लेते नजर आए। अमर उजाला के कैमरे में उनकी तस्वीर कैद हो गई।