पूर्व फौजियों को मौका मिला तो खुद को साबित किया
राज्य की सियासत में जिन पूर्व सैनिकों को मौका मिला उन्होंने खुद को साबित किया। इनमें मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (सेनि), लेफ्टिनेंट जनरल टीपीएस रावत (सेनि) और गणेश जोशी प्रमुख हैं। इन पूर्व फौजियों ने सेना से सेवानिवृत्ति के बाद सियासत में कदम रखा और उसकी ऊंचाइयों को छुआ। पूर्व फौजी गणेश जोशी वर्तमान में धामी सरकार में सैनिक कल्याण मंत्री हैं। मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। जबकि लेफ्टिनेंट जनरल टीपीएस रावत पूर्व कैबिनेट मंत्री हैं।
ये भी पढ़ें...Lok Sabha Elections: फ्लैश बैक...जब बहुगुणा के समर्थन में इंदिरा गांधी के खिलाफ खड़ा हो गया था पूरा पहाड़
सेना का हर पांचवां जवान उत्तराखंड से
सेना का हर पांचवां जवान उत्तराखंड से है। जिन्हें रिझाने के लिए भाजपा और कांग्रेस की ओर से कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई। भाजपा सरकार की ओर से देहरादून में सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है। जबकि कांग्रेस भी पूर्व सैनिकों के लिए कई सम्मेलन और रैली करा चुकी है।