चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन इस तरह का भी नहीं रहा कि वह भाजपा और कांग्रेस के समीकरणों को प्रभावित कर पाए। ये स्थिति तब है जबकि भावनात्मक तौर पर उसके साथ लोग जुड़े हैं।
गैरसैंण राजधानी, स्थानीय लोगों को रोजगार, हक हकूक जैसे मुद्दों के आज भी गरम होने के बावजूद यूकेडी इसका लाभ नहीं ले पा रही है। हालांकि यूकेडी के नेताओं का कहना है कि उसके प्रति मतदाताओं का दृष्टिकोण तेजी से सकारात्मक हो रहा है। यूकेडी के कार्यकारी अध्यक्ष पंकज व्यास ने कहा कि पार्टी उत्तराखंड में पांचों सीटों पर लड़ रही है। पार्टी ने पूरी मेहनत की है जो जरूर रंग लाएगी।