पार्टी के अंदरुनी सर्वेक्षणों में टिहरी में माला की स्थिति बाकी सांसदों की तुलना में अधिक बेहतर नहीं मानी जा रही थी।
इसी वजह से उनका टिकट काटे जाने की अटकलें भी हो रही थीं। लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने माला को मैदान में उतारकर सारी अटकलों पर विराम लगा दिया है।