उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर स्थित लोहियाहेड जल विद्युत परियोजना को पानी सप्लाई करने वाली यूपी सिंचाई विभाग के कब्जे वाली शारदा नहर की सुरक्षा दीवार शनिवार देर रात ओवरफ्लो होने और दबाव बढ़ने से दो जगह टूट गई।
एक दीवार टूटने से लोहियाहेड आवासीय कालोनी में और दूसरी दीवार टूटने से पानी ने चौड़ापानी गांव में भारी तबाही मचा दी। इसमें जल विद्युत परियोजना के एक विकलांग कर्मचारी की मौत हो गई। पांच घर बह गए और 58 मकानों को नुकसान पहुंचा है।
इस तबाही में दर्जनों पशु बह गए हैं और फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। चार सड़कें, बिजली के पोल, पावर हाउस के करीब आधा दर्जन ट्रांसफार्मर और डीजल के कई ड्रम भी बह गए।
बताया जाता है कि जल विद्युत परियोजना में मशीन ट्रिप होने से नहर में पानी का दबाव बना था। डीएम पंकज पांडेय ने रविवार दोपहर घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीएम हरीश रावत के प्रतिनिधि चंपावत के विधायक हेमेश खर्कवाल ने भी मौके का जायजा लिया। एसएसबी के जवान भी मौके पर पहुंच गए।
एक कर्मचारी की मौत, सौ मीटर दूर मिला शव
लोहियाहेड जल विद्युत परियोजना में शनिवार रात करीब एक बजे मशीन ट्रिप कर गई। इसके बाद परियोजना के कर्मचारियों ने शारदा नहर के पानी को बाइपास निकालने के लिए लगे तीन डिफ्यूजरों को खोलने का प्रयास किया मगर ये नहीं खुले। पानी ओवरफ्लो होने लगा।
विद्युत परियोजना के डीजीएम एके सिंह के अनुसार उन्होंने इसकी सूचना बनबसा स्थित यूपी के सिंचाई विभाग कार्यालय को दी। उन्होंने यूपी के सिंचाई विभाग से पानी की सप्लाई कम करने को कहा मगर पानी कम नहीं किया गया। इसके बाद करीब ढाई बजे नहर ओवरफ्लो हो गई और पानी का दबाव बढ़ने पर सुरक्षा दीवार दो जगहों पर टूट गई। वहां से निकले पानी ने भारी तबाही मचा दी।
पानी के बहाव में विकलांग कर्मचारी शादी लाल बह गया। उसका शव सौ मीटर दूरी से बरामद हुआ। कई परिवारों ने छतों में बैठकर जान बचाई। सरस्वती शिशु मंदिर सहित घरों में कई फीट मलबा भर गया है। नहर टूटने से लाखों की निजी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
शनिवार रात, कब क्या हुआ
12.50 - लोहियाहेड पावर हाउस की मशीन ट्रिप हुई
01.45 - बनबसा सिंचाई विभाग को पानी बंद करने को कहा गया।
02.15 - बजे शारदा नहर की दीवार ओवरफ्लो हुई।
02.30 - बजे पानी की विभीषिका बढ़ी।
02.48 - बजे बनबसा से शारदा नगर में पानी का बहाव रोका गया
03.00 - बजे से नहर का पानी घटने लगा।
04.00 - बजे नहर में पानी आना बंद हुआ।
इनका है कहना
‘लोहिया पावर हाउस की टरबाइन ठीक करने में लंबा समय लगेगा। तब तक शारदा नहर में पानी की सप्लाई सुचारु करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। इसमें तीन से चार दिन लगेंगे।’
-दीपक यादव, शारदा नहर खंड के अधिशासी अभियंता
सीएम ने दिए जांच के आदेश
देहरादून। राज्य सरकार ने खटीमा (कुमाऊं) के लोहिया हेड पावर हाउस के पास नहर का तटबंध टूटने की घटना के जांच के आदेश दिए हैं। प्रदेश के सभी हाइड्रो पावर प्लांट का सेफ्टी ऑडिट करवाने को भी कहा गया है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार को हुए हादसे के बाद उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव से फोन पर वार्ता कर सहयोग मांगा है।
मुख्यमंत्री ने लोहिया हेड बांध का तटबंध टूटने से हुई जानमाल की हानि पर ऊर्जा व सिंचाई विभाग के अफसरों की बैठक बुलाई। कहा कि घटना की जांच की जाए कि कहां समन्वय की कमी रही। बताया गया कि जांच ऊर्जा सचिव करेंगे।
घटना में एक श्रमिक की मौत पर सीएम ने दुख व्यक्त किया और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मृतक के परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने यूपी के सिंचाई मंत्री से इन मामलों का दीर्घकालीन हल निकालने में सहयोग करने का अनुरोध किया। सीएम ने सचिव सिंचाई को भी यूपी के अफसरों से बात करने का आदेश दिया।