यह राहत देने से सरकारी खजाने पर 37.07 करोड़ रुपये का व्यय भार पड़ेगा। इसी तरह इन सभी वाहनों को 31 जनवरी 2020 की तिथि के बाद वर्ष 2020-21 में एक बार परमिट नवीनीकरण शुल्क से छूट रहेगी। यह छूट देने से राजकोष पर 4.85 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।
ढुलाई वाहनों को छूट नहीं सार्वजनिक वाहनों में शामिल ढुलाई वाहन (ट्रक व अन्य वाहन) को यह राहत नहीं दी गई है। परिवहन आयुक्त कार्यालय ने शासन को जो प्रस्ताव भेजा था, उसमें ढुलाई वाहनों के लिए छूट भी शामिल थी।
लेकिन वित्त विभाग में प्रस्ताव गया तो इसमें से ढुलाई वाहनों को हटा दिया गया। अब यह छूट ढुलाई वाहनों को छोड़कर बाकी वाहनों पर लागू की गई है। यानी राहत पाने वाले सार्वजनिक वाहनों की संख्या करीब 90 हजार है।