उन्होंने बताया कि शोध का उद्देश्य कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए एंटी वायरल मॉलेक्यूल की पहचान करना है। ये दवाओं की पहचान की प्रक्रिया में तेजी लाएगा। उन्होंने शोध की अनुमति देने के लिए विज्ञान एवं इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड का आभार जताया है।
यह शोध आईआईटी रुड़की के बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग की प्रो. शैली तोमर और भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) इज्जतनगर के डॉ. गौरव शर्मा के सहयोग से किया जाएगा, जो कोविड-19 के इलाज के लिए पहचाने गए मॉलेक्यूल की एंटी वायरल प्रभाव के आकलन में सहायता करेगा।
संस्थान के निदेशक प्रो. एके चतुर्वेदी का कहना है कि यह अप्रोच कोविड-19 से लड़ने के लिए एंटी वायरल मॉलेक्यूल की पहचान में मील का पत्थर साबित हो सकती है।