शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई नर्सिंग होम ऐेसे चल रहे हैं जो फर्जी तरीके से मरीजों का इलाज कर रहे हैं। उन्होंने अपने नर्सिंग होम में ही फर्जी मेडिकल स्टोर भी खोला हुआ है। इन स्टोरों पर अंदर से ही महंगे दामों पर दवाईयां दी जाती हैं, लेकिन कभी औषधि विभाग ने इन नर्सिंग होम को झांककर नहीं देखता। कई नर्सिंग होम संचालक डॉक्टर की फर्जी डिग्री लिखकर लोगों को गुमराह भी कर रहे हैं। जबकि जिस डॉक्टर का विवरण साइनबोर्ड पर दिया जाता है वह डॉक्टर यहां रहता हीं नहीं।
कार्रवाई से पहले से खोल दिया मेडिकल स्टोर
करीब एक महीने पहले ड्रग इंस्पेक्टर एमएस राणा ने भगवानपुर में थाने के पास स्थित एक मेडिकल स्टोर पर 18 अप्रैल को छापा मारा था। इस दौरान मेडिकल स्टोर में नशीली और प्रतिबंधित दवाइयां मिली थी। ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की थी। साथ ही मेडिकल स्टोर पर सील लगा दी थी। सोमवार को मेडिकल स्टोर की सील खुली मिली। ड्रग इंस्पेक्टर का कहना है कि मेडिकल स्टोर की सील कैसे खुली जांच कर कार्रवाई की जाएगी।