बुधवार को एयर इंडिया फ्लाइट में देहरादून से पंतनगर एक भी यात्री नहीं आया। इसमें केवल पायलट, को पायलट एवं एयर होस्टेस को मिलाकर कुल पांच लोग सवार थे। वहीं देहरादून के लिए वापसी में केवल एक यात्री को लेकर विमान ने उड़ान भरी।
इधर, फ्लाइट की एयर होस्टेस पीपीई किट पहने नजर आईं। बताया गया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए यह किया गया है। सोमवार से शुरू हुई हवाई सेवा में यात्रियों को सात दिन के लिए उनके ही खर्च पर क्वारंटीन करने का प्रावधान किया गया है। इसके चलते यात्रियों ने हवाई सेवा से दूरी बना ली है।
बुधवार को पंतनगर आने वाली फ्लाइट में सात यात्रियों ने और देहरादून जाने वाली फ्लाइट में छह यात्रियों ने टिकट बुक कराई थी। लेकिन एक यात्री को छोड़कर अन्य यात्री पंतनगर नहीं पहुंचे। एयरपोर्ट डायरेक्टर एसके सिंह ने बताया कि मौजूदा हवाई सेवा क्षेत्रीय उड़ान योजना के अंतर्गत संचालित है।
जिसके तहत यात्रियों को देहरादून के लिए सिर्फ 600 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इस हवाई सेवा में बुक हुई सीटों पर ढाई हजार रुपये प्रति सीट राज्य सरकार को वहन करना है। लोगों को फ्लाइट से आवागमन में क्वारंटीन होने का डर सता रहा है। जिसके चलते यात्री फ्लाइट से आने-जाने में कतरा रहे है।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर तीसरे दिन भी हवाई यात्रियों के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। उप जिलाधिकारी लक्ष्मी राज चौहान ने बताया की बुधवार को कुल 97 यात्री आए और 116 यात्री अलग-अलग फ्लाइटों में यहां से रवाना हुए। उन्होंने बताया कि सभी यात्रियों को क्वारंटीन कर दिया गया है।
अधिकांश यात्रियों को होटल में क्वारंटीन किया गया है। कुछ असमर्थ हवाई यात्रियों को जिन्हें शारीरिक बीमारी अथवा अन्य तरह की दिक्कतें थीं, उन्हें और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को संस्थागत क्वारंटीन किया गया है।
अग्रिम आदेशों तक तहसील की टीमें हवाई यात्रियों को क्वारंटीन करने में जुटी रहेंगी। इस दौरान नायब तहसीलदार रूप सिंह, कोतवाल प्रदीप बिष्ट, वरिष्ठ उप निरीक्षक महावीर रावत, तहसील के कर्मचारी सिद्धार्थ शर्मा, अजय पांडे, सुधीर मिश्रा आदि व्यवस्थाएं बनाने में जुटे रहे।