प्रापर्टी कारोबारी क्यों नहीं चाहते, लगे पाबंदी
दरअसल गुनियाल गांव मसूरी क्षेत्र से लगा हुआ है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है। पिछले 10 सालों में यहां तेजी से निर्माण कार्य हुए। कई होटल, रेस्तरां, होमस्टे बने। प्रकृति की गोद में रहने की चाहत रखने वालों के लिए यहां पर हाउसिंग सोसाइटी भी भविष्य में बनाई जानी हैं। इसके लिए निवेशकों ने जमीनें ले रखी हैं।
पिछले साल तक यहां पर जमीन का सर्किल रेट 12000 रुपये प्रति वर्ग मीटर था, लेकिन जमीनें 30-35 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के रेट से बिक रहीं थीं, इस अंतर को देखते हुए जिला प्रशासन ने गत वर्ष गुनियाल और आसपास के इलाकों में सर्किल रेट 27 हजार रुपये प्रतिवर्ग मीटर तय किया। प्रापर्टी कारोबारियों का मानना है कि अगर यहां पर निर्माण ही प्रतिबंधित हो गया, तो जमीन पर किया गया निवेश बेकार हो जाएगा। भविष्य में यहां पर कोई प्रोजेक्ट नहीं आ सकेगा। इसलिए निवेशक नहीं चाहते कि ऐसी कोई पाबंदी लगे।
यह है सैन्य धाम
गुनियाल गांव में 50 बीघा भूमि पर 63 करोड़ रुपये की लागत से सैन्यधाम बन रहा है। सैन्यधाम की भव्यता व सुरक्षा के मद्देनजर शौर्य स्थल से 500 मीटर क्षेत्र में निर्माण कार्यों को प्रतिबंधित करने की तैयारी है। सैन्यधाम में द्वितीय विश्वयुद्ध से लेकर अब तक उत्तराखंड के जितने भी सैनिक शहीद हुए हैं, उन सबके चित्र लगाए जाएंगे। उन सभी के बारे में जानकारी दी जाएगी। शहीदों के घर की माटी यहां एक बड़े कलश में रखी जाएगी।
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