देहरादून। महिला की गला घोंटकर हत्या करने के दोषी को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला जज षष्ठम तरुण कुमार की अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता अरविंद कपिल ने बताया कि घटना 14 अप्रैल 2014 की है। स्थानीय निवासी शिव प्रसाद ने अपनी पत्नी गीता देवी की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। गीता झाड़ू-पोछे का काम करती थी। घटना के दिन वह स्थानीय निवासी तारुण शर्मा के घर काम पर गई थी। कुछ देर बाद तारुण शर्मा का देवर विकास कुमार उनके घर आया और शिव प्रसाद से कहा कि उसने पत्नी की हत्या कर दी है। यह सुनकर शिव प्रसाद के होश उड़ गए। शिव प्रसाद ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पुलिस पहुंची तो देखा कि गीता देवी घर में मृत पड़ी थी। वहां पर एक चुन्नी भी पड़ी हुई थी। इस चुन्नी से ही गला घोंटा गया था। उस वक्त पता चला कि विकास कुमार निवासी हरिद्वार अक्सर अपनी भाभी के घर आया करता था। वह गीता पर गलत नजर रखता था। उस दिन गीता ने इसका विरोध किया तो उसने गुस्से में आकर उसकी हत्या कर दी। मौके से पुलिस ने तमाम साक्ष्य जुटाए। अभियोजन की ओर से इस मुकदमे में 16 गवाह प्रस्तुत किए। इसके अलावा 20 से ज्यादा वस्तु साक्ष्य भी अदालत में पेश किए गए। इन गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को उसे हत्या के दोष में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
गवाही रही अहम
घटना के बाद वैसे तो विकास कुमार खुद ही शिव प्रसाद के घर पर पहुंच गया था। उसने सारी कहानी शिवप्रसाद को बता दी थी, लेकिन घटना के बाद मौके के पास एक व्यक्ति ने भी उसे देखा था। व्यक्ति जानता था कि विकास गीता पर गलत नजर रखता है। वह जब वहां से भागा तो वह सारी कहानी समझ गया। इस मुकदमे में इस गवाह की गवाही अहम साबित हुई।