पुरानी जेल परिसर (न्यू कोर्ट कंपाउंड) में वकीलों को चैंबर के लिए जमीन मिल गई है। शासन ने इस बाबत पांच बीघा जमीन को आवंटित करते हुए शासनादेश भी जारी कर दिया है। इसी खुशी में सोमवार को वकीलों ने कोर्ट परिसर में जश्न मनाया और मुख्यमंत्री का आभार जताया। बार अध्यक्ष ने कहा कि जल्द ही यहां पर चेंबर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
बता दें कि पुरानी जेल परिसर में अदालतों के लिए भवन बन रहे हैं। इस जमीन को कई साल पहले कोर्ट परिसर के लिए आवंटित किया गया था। इसके साथ ही वकील भी अपने लिए चैंबर निर्माण को जमीन दिलाने की मांग कर रहे थे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने बताया कि त्रिवेंद्र सरकार के मंत्रियों ने उनसे वादा किया था। साथ ही 2018 में शासनादेश जारी करने का आश्वासन भी दिया गया था। लेकिन, कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ।
इस बीच तमाम पत्राचार सरकार के साथ हुआ। पिछले दिनों हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने इसका स्वत: संज्ञान लिया और मामले में जल्द हल निकालने की बात कही। इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मंत्री गणेश जोशी और मेयर सुनील उनियाल गामा भी प्रयासरत थे। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार शासन ने पांच बीघा जमीन को वकीलों के चैंबर निर्माण के लिए आवंटित कर दिया गया है। सचिव अनिल शर्मा ने बताया कि इस शासनादेश की एक प्रति हाईकोर्ट और दूसरी जिला जज के ऑफिस में पहुंच गई है।
इसी की खुशी मनाने के लिए सैकड़ों की संख्या में वकील इकट्ठा हुए और पटाखे जलाकर जश्न मनाया। अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने कहा कि यह सभी अधिवक्ताओं की जीत है। और भी कई लड़ाईयां हैं जो उन्हें वकीलों के लिए जीतनी हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्री गणेेश जोशी को धन्यवाद भी दिया।