विवेचना अधिकारी ने बताया कि जब भांजी से अकेले में पूछताछ की गई तो उसने सच्चाई उगल दी। उसने बताया कि मामा के कहने पर उसने बेहोश होने का नाटक किया। चोरी होने की बात कही। वहीं कारोबारी के कर्मचारी दिल कुमार ने पूछताछ में बताया कि कारोबारी उससे पुलिस के सामने यह बात कहने को कहा था कि चोरी हुए पांच लाख रुपये उसने ही ज्वेलरी के ऑर्डर के कारोबारी को लाकर दिए थे।
रिश्तेदारों को नहीं थी इस षडयंत्र की भनक
कारोबारी ने भाई से बर्बाद करने की धमकी मिलने और किसी अनहोनी की आशंका होने की बात बताकर हरिद्वार में रहने वाले दो रिश्तेदारों को अपने यहां बुलाया हुआ था। रविवार को ही कारोबारी उन्हें बस में बैठाने के लिए हरबर्टपुर गया। विवेचना अधिकारी ने बताया कि रिश्तेदारों को इसकी कोई भनक नहीं थी कारोबारी ने उन्हें षड़यंत्र का हिस्सा बनाने के लिए बहाने से घर पर बुलाया था।
ये भी पढ़ें...Dehradun News: अब ऑफिस में जींस-टीशर्ट, स्पोर्ट्स शूज नहीं चलेंगे, ड्रेस कोड का पालन करना होगा जरूरी
जांच में लाखों की चोरी की वारदात झूठी निकली। झूठी सूचना देने पर कारोबारी के खिलाफ धारा 182 के तहत कोर्ट से अनुमति लेकर परिवाद की कार्रवाई की जाएगी। -भाष्कर शाह, पुलिस क्षेत्राधिकारी