देहरादून स्थित सचिवालय में गुरुवार को माहौल की करवटें बदलती रही। नेताओं की नजर और नजारा बदला हुआ दिखा। हर रोज हुंकार भरने वाले आज मायूस थे।
मुख्य सचिव के कार्यालय में जमावाड़ा
सीएम के खांटी समर्थक विधायक व नेताओं के चेहरे उतरे हुए थे। चर्चा के अनुरूप आज के दिन को मौजूदा सरकार का आखिर दिन मानकर तेजी के साथ काम कराए जा रहे थे। देर शाम तक अपर मुख्य सचिव के कार्यालय में जमावाड़ा लगा रहा।
चतुर्थ तल पर आज मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने काफी समय बिताया लेकिन हर रोज जैसी हलचल नहीं थी। सचिवालय में नियमित तौर पर आने वाले विधायक सुबोध उनियाल, विजयपाल सजवाण, राजकुमार व उमेश काऊ काफी समय तक जमे रहे।
कुछ देर के लिए डिप्टी स्पीकर अनुसुईया प्रसाद मैखुरी भी आए लेकिन जल्द ही खिसक लिए। इससे पहले कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य व प्रीतम सिंह ने सचिवालय में सुबह पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की। लेकिन सीएम विजय बहुगुणा के समर्थक विधायकों के चेहरों पर चिंता की लकीरें थीं।
विभागों के सचिव व प्रमुख सचिव चतुर्थ तल की तरफ दौड़ते देखे गए। लेकिन ये वही अफसर थे जिन्हें कुछ खास फाइलों के साथ बुलाया गया था। इस संभावना के साथ कि कल मुख्यमंत्री इस्तीफा देंगे, आज के दिन भी खूब काम निबटाए गए।
नेताओं के साथ ही तमाम कारोबारियों ने अड्डा जमाया
शाम को अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा के कार्यालय का नजारा भी खूब था। बड़े छोटे नेताओं के साथ ही तमाम कारोबारियों ने अड्डा जमाया हुआ था। अलग अलग विभागों के सचिवों व प्रमुख सचिवों को कुछ खास फाइलों के लिए फोन आ रहे थे।
जरूरी फाइलें ढूंढवाई जा रही थी। सत्ता के करीबी लोग आखिरी क्षण तक ट्रांसफर पोस्टिंग दिलाने का भी प्रयास करते रहे।
असरदार हाकिमों के चेहरे पर भी शिकन
दिन भर मुख्यमंत्री के इस्तीफे का शोर इस कदर मचा कि सरकार सिस्टम ने काम करना पूरी तरह से छोड़ दिया। अभी तक सत्ता की मद में चूर और प्राईम पोस्टिंग वाले अफसरों की बेचैनी देखने लायक थी।
मलाईदार महकमों के सचिव व प्रमुख सचिवों की परेशानी भी बढ़ रही थी। लेकिन दो तीन ऐसे हाकिम जो कि सीएम कैंप में अंदर तक घुसे हैं उन्हें ज्यादा परेशानी हो रही थी। सचिवालय में जगह जगह सचिवालय कैडर के अफसरों की अड्डेबाजी यह साबित करने के लिए काफी थी कि आज कुछ काम नहीं हो रहा है।
कई महत्वपूर्ण विभागों के विभागाध्यक्ष बने अफसरों के हौसले भी पस्त दिखे। सचिवालय से लेकर जिलों तक में अफरा तफरी जैसा माहौल था।