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मूसलाधार बारिश से नैनीताल में भारी भूस्खलन

Thu, 11 Sep 2014 01:50 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, नैनीताल
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बुधवार सुबह नैनीताल के तल्लीताल में बलियानाला के कटाव से भारी भूस्खलन हो गया। इससे रईस होटल क्षेत्र को जाने वाला मुख्य सीसी मार्ग ध्वस्त हो गया और बलियानाला की सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई है।
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यहां रह रहे दो दर्जन परिवारों में जान बचाने के लिए अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन ने प्रभावित 16 परिवारों को जीआईसी में विस्थापित कर दिया। डीएम ने निर्देश पर सभी प्रशासनिक अधिकारी दिन भर मौके पर डटे रहे। यह भूस्खलन नगर की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।

मंगलवार की रात मूसलाधार बारिश से बलियानाला से लगे रईस होटल क्षेत्र के सभी परिवार रात भर जागते रहे। सुबह लगभग सात बजे यहां भारी भूस्खलन हो गया। इसमें रईस होटल, वीर भट्टी को जाने वाला 20 से 25 मीटर सीसी मार्ग बलियानाले में समा गया।
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यही नहीं 360 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनी सुरक्षा दीवारों भी क्षतिग्रस्त हो गई। मौके की वास्तविकता भविष्य के खतरे का भी संकेत दे रही है।

24 परिवारों में मची भगदड़

क्षेत्र में हुए बडे़ भूस्खलन के बाद यहां निवास करने वाले 24 परिवारों में भगदड़ मच गई। वह जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। लोगों ने अपना जरूरी सामान भी सुरक्षित क्षेत्र तक पहुंचाया।

सूचना के बाद डीएम अक्षत गुप्ता, अपर आयुक्त श्रीष कुमार, एडीएम उदय वीर सिंह राणा, संयुक्त मजिस्ट्रेट आशीष चौहान, एसडीम शिवचरण द्विवेदी, ईई पीडब्लूडी जितेंद्र त्रिपाठी, ईओ रोहिताश शर्मा, तहसीलदार बीएस लटवाल, पट्टी पटवारी भुवन जोशी, सभासद डीएन भट्ट, सरवर खान आदि भी मौके पर पहुंच गए।

डीएम के निर्देश पर 16 परिवारों का विस्थापन जीआईसी में कर दिया गया है। इस बीच मौके पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

पीड़ितों को त्वरित दें आवास
डीएम अक्षत गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह 20 पीड़ित परिवारों को 10 दिन में दुर्गापुर में आवास उपलब्ध कराए। कहा कि वर्तमान में 64 भवनों का निर्माण पूरा होने वाला है।

नगर पालिका की ओर से बनाई गई सूची के परीक्षण के बाद प्राथमिकता के क्रम में चयनित गरीबों को आवास मुहैया कराए जाएंगे। उन्होंने तब तक प्रभावित परिवारों को जीआईसी में विस्थापित करने और स्थाई व्यवस्था तक प्रशासन की ओर से भोजन मुहैया कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद करने के निर्देश दिए। पट्टी पटवारी भुवन जोशी ने बताया कि 16 प्रभावितों को स्कूल में विस्थापित किया जा चुका है। उन्हें बिजली, पानी मुहैया कर शौचालय की व्यवस्था की जा चुकी है।

ये हैं 16 विस्थापित परिवार

1-विजय जोशी पुत्र शिवदत्त, 2-सुरेश आर्या पुत्र गंगा राम, 3-अनोखे लाल पुत्र खुशाली राम, 4-हेम सिंह पुत्र किशन सिंह, 5-रामदास पुत्र एम भगत, 6-राजा पुत्र मुरारी लाल, 7-दीपक पुत्र तुलसीदास, 8-मनीष पुत्र चंद्रपाल, 9-महेंद्र पुत्र चंद्रपाल, 10-शिवचरण पुत्र राम स्वरूप, 11-गोपाल पुत्र जगदीश प्रसाद, 12-किशन पुत्र बहादुर राम, 13-संजय पुत्र मोहन राम, 14-मैसी पुत्र चंद्रपाल, 15-योगेश पुत्र छुन्नू लाल, 16-तेजपाल पुत्र चंद्रपाल शामिल हैं।

2.5 साल पूर्व का 22.75 करोड़ का प्रस्ताव अधर में
संवेदनशील बलियानाला के संरक्षण की मांग हमेशा से उठती रही है। राज्य बनने के दौरान 2000 में 15.52 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए। तब से वर्ष 2004 तक रईस होटल हरिनगर से लगे बलियानाला क्षेत्र में रिटर्निंग वाल, ड्रेन वाटर प्लेट्स, लगभग दो किमी सीसी मार्ग आदि का निर्माण कराया गया।

इसी मद से वन विभाग के माध्यम से पहाड़ी की सुरक्षा के लिए पुतली, पाइन, तुषार, मकौल, बांज, चिनार, सुरई, पदम समेत 15 प्रजातियों के पेड़ लगाए गए। बलियानाला क्षेत्र के संरक्षण की कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के ईई बृजेंद्र कुमार व अपर सहायक अभियंता पंकज ढौंडियाल ने बताया कि  2002 में क्षेत्र में हुए कार्य के बाद भूस्खलन रुका था।
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सिंचाई विभाग के जिम्मे है देखभाल

विभाग की ओर से लगभग ढाई वर्ष पूर्व 24.94 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। जिसमें बलियानाला तथा नगर के अस्तित्व की सुरक्षा के लिए कैलाखान हैलीपेड कैंट तथा दूसरे छोर कृष्णापुर से लगे क्षेत्र में दोनों ओर से सीसी ब्लॉक, वायर केसिंग, आरसीसी कवर से बोथ साइड चैनलाइज दीवारें तथा हर 25 मीटर पर क्रास वाल बनाई जानी है।

बता दें कि नैनीझील से नीचे की ओर 770 मीटर के क्षेत्रफल की देखरेख पीडब्लूडी करती है, जबकि इससे आगे ब्रेभरी पुल तक के 2.80 किमी क्षेत्र की देखभाल सिंचाई विभाग के जिम्मे है। अभी तक 900 मीटर के क्षेत्र में रिटर्निंग व क्रास वाल बनी है।

9.30 करोड़ से बनने हैं 200 आवास
जेएनएनयूआरएम के तहत 9.30 करोड़ की लागत से दुर्गापुर में 200 आवास बनाए जाने हैं। जिसमें से 4.39 करोड़ रुपए अब तक अवमुक्त हो चुके हैं। जिनसे पूर्व निर्मित भवनों में 28 परिवारों को विस्थापित किया जा चुका है।

योजना प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. कमलेश जोशी ने बताया कि शेष किस्त के बाद 160 आवासों का निर्माण होना है, जबकि स्वीकृत धनराशि से 60 से अधिक भवनों में कार्य चल रहा है।
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