बैंककर्मी अनंत कुमार ने पांच साल पहले चंद्रबनी क्षेत्र में प्लाट खरीदा था। यहां कृषि भूमि में प्लाटिंग की गई थी। जब वह मकान बनवाने आए तो पता चला कि निकलने का रास्ता नहीं है। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायती पत्र दिया है।
अनंत का मामला तो बानगी भर है। भू माफियाओं के जाल में फंसने वाले हजारों हैं। शासन-प्रशासन को इन लोगों ने शिकायती पत्र भेजे हैं।
घर बनाने के लिए उन्होंने जमीन तो खरीदी, लेकिन जमीन बेचने वालों ने उनके साथ दगा किया। जब मकान बनवाना शुरू किया तो पता चला कि निकलने का रास्ता ही नहीं है।
कई जगह तो ऐसी स्थिति है कि वहां सीवर लाइन तक नहीं डाली जा सकती। शिकायत करने पर भूमाफिया धमकी देते हैं।
पहले रास्ता फिर फौजी का प्लाट भी बेच डाला
भूमाफियाओं ने फौजी को भी नहीं बख्शा। पहले प्लाट के रास्ते को हड़प लिया फिर पूरा प्लाट ही बेच डाला। इस संबंध में केंद्रीय जलसंसाधन मंत्री हरीश रावत ने डीएम को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। फौजी ने सीएम से भी गुहार लगाई है।
राइफलमैन अनिल पंत इस वक्त आर्मी हेडक्वार्टर कैंप रावतुला राम मार्ग दिल्ली में तैनात हैं। उन्होंने 2007 में सुनारगांव भानियावाला में अपनी मां के नाम जमीन खरीदी थी।
इसकी रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज ऋषिकेश में हुआ। माफियाओं ने यहां के रास्ते को तो कब्जाया ही, प्लाट भी बेच दिया। पंत के अनुसार वह अपने अपंग बच्चे के इलाज में लगे रहे। यहां खेल हो गया।
जोनल प्लान लागू होने पर हर चीज को बहुत बारीकी से देखा जाएगा। दिक्कतों को दूर करने की कोशिश की जाएगी।
आर मीनाक्षी सुंदरम, उपाध्यक्ष एमडीडीए
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