अयोध्या में विवादित ढांचे की बरसी पर शुक्रवार को हिंदू संगठनों ने शौर्य दिवस पर उत्तराखंड के रुड़की में लंबी रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया।
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र पंकज ने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा विधेयक लाकर सरकार देश में नफरत की दीवार खड़ी करने का प्रयास कर रही है। यदि विधेयक पास हुआ तो भविष्य में इसके दुष्परिणाम सामने आएंगे।
विहिप ने शौर्य दिवस मनाया
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने छह दिसंबर को शौर्य दिवस के रूप में मनाया। नेहरू स्टेडियम से शहर में बाइक और कार रैली निकाली गई। अध्यक्षता कर रहे नरेश बंसल ने कहा कि कांग्रेस ने देश में भ्रष्टाचार और महंगाई को बढ़ाया है।
उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के दौरान डा. विपिन कपूर, जल सिंह, मानसिंह सैनी, रणदीप पोखरियाल आदि ने भी विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन डा. मुनेंद्र शर्मा ने किया।
इस दौरान पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन, पूर्व मंत्री श्यामवीर सैनी, देशराज कर्णवाल, प्रमोद गोयल, राजीव गुप्ता, रमेश चंद सेमवाल, नितिन शर्मा, चतरसेन, चंदन सिंह, सुधीर कश्यप, रोबिन और शुभम शर्मा समेत सैकड़ों की तादाद में लोग उपस्थित रहे।
हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंजा शहर
रैली में दो हजार से अधिक लोग शामिल थे। रैली में शामिल लोग बेहद उत्साहित नजर आए थे। हर-हर महादेव के उद्घोष से पूरा शहर मानो गूंज रहा हो। रैली में बड़ी संख्या में शामिल लोग युवा थे।
भगवा नजर आई दूर तक सड़क
रैली में शामिल कार्यकर्ताओं के हाथों में भगवा झंडे थे। रैली में काफी भीड़ होने के कारण दूर तक रैली रही दिखाई दे रही थी। झंडे हाथ में होने की वजह से पूरी सड़क ही भगवा नजर आ रही थी।
तलवार और लाठी पर लगाई रोक
कार्यक्रम में शामिल होने आए कुछ कार्यकर्ता लाठियां लेकर आए थे। लेकिन सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने कार्यकर्ताओं को लाठी ले जाने से रोक लिया। इसके बाद कुछ कार्यकर्ता तलवार लेकर भी आए। पुलिस ने उन्हें भी रोक दिया।
हालांकि इसको लेकर पुलिस अधिकारियों के साथ थोड़ी नोकझोंक भी हुई। लेकिन पदाधिकारियों ने मामले को बढ़ने नहीं दिया। पूर्व भाजपा विधायक सुरेश चंद जैन आदि ने कार्यकर्ताओं को समझाया। साथ ही पुलिस अधिकारियों को यकीन दिलाया कि कार्यकर्ता पूरी तरह से अनुशासन और कानून का पालन करेंगे।
रैली में उमड़े युवा, बुजुर्ग न के बराबर
विश्व हिंदू परिषद की रैली में युवाओं की अच्छी खासी तादाद रही। आयोजकों ने 1008 मोटरसाइकिल और 108 कारों के जरिये रैली निकालने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे पूरा करने में आयोजक सफल रहे।
रैली में युवाओं की उपस्थिति ज्यादा रही। लेकिन बुजुर्गों की संख्या न के बराबर रही। युवाओं को जो मार्गदर्शन मिल रहा था, वह केवल मंच से संबोधित कर रहे वक्ताओं की ओर से ही था।
मशीनों से हुई फूलों की वर्षा
विहिप की ओर से रैली को सफल बनाने के लिए बेहतर मैनेजमेंट किया गया था। नेहरू स्टेडियम के प्रवेश द्वार से निकलते ही मोटरसाइकिल और कारों के रेले पर मशीनों से फूलों की वर्षा होती रही।
यही नहीं रैली के रूट पर बीच-बीच में कई स्थानों पर फूलों की वर्षा के लिए प्वाइंट बनाए गए थे। करीब दो किलोमीटर लंबी रैली के बीच चौपहिया वाहनों पर लगे डीजे में बज रहे भक्ति गीतों की धुनों ने माहौल को शौर्य के रूप में प्रदर्शित किया।
भीम राव अंबेडकर भी रहे रैली की शान
विहिप के कार्यक्रम के दौरान डा. भीमराव अंबेडकर भी रैली की शान बने। रैली में शामिल कई वाहनों पर डा. भीमराव अंबेडकर की बड़ी मूर्तियां लगाई थीं। इन पर लदे युवा कार्यकर्ता लगातार वंदेमातरम और भारत माता की जय के नारे लगाते रहे।
इन्हें किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान अजय गुप्ता, आदेश सैनी, नरेंद्र आहूजा, गोवर्धनदास, केडी गुप्ता, अरविंद कोहली, सतीश कालरा, दीपचंद्र वाल्मीकि, राजाराम, नरेश चौधरी, चंद्र प्रकाश बाटा, मोहन लाल गोयल, मनोज तोमर आदि को सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
शिव-पार्वती नृत्य ने किया रोमांचित
कार्यक्रम में दो बच्चों ने शिव-पार्वती का नृत्य पेश किया। नृत्य देख उत्साहित हुए कार्यकर्ता हर-हर महादेव के नारे लगाने लगे। इसके अलावा एक बालक ने भगवान कृष्ण के रूप धारण कर नृत्य पेश किया। इस नृत्य को भी काफी सराहा गया।
रैली के कारण जाम से जूझता रहा शहर
रैली में बाइक और चौपहिया वाहन बड़ी मात्रा में शामिल थे। रैली जिस भी मार्ग से गुजरी पुलिस ने उस मार्ग को सामान्य वाहनों के लिए रैली निकलने तक के लिए बंद करा दिया। इससे शहर में जाम की स्थिति बनी रही।
गंगनहर का नया पुल, नगरपालिका पुल और गणेशपुर पुल सभी जगह जाम ही जाम दिखाई दे रहा था। शहर के भीतर के मार्गों पर भी यही हाल रहा। रैली स्कूलों की छुट्टी के समय निकली, इसलिए स्कूली बच्चों को भी काफी परेशानी हुई। स्कूल बसें भी जाम में फंसी रही। बच्चे देरी से अपने घरों में पहुंचे।
मुस्लिम संगठन ने मनाया काला दिवस
मुस्लिम संगठनों ने छह दिसंबर को काला दिवस के रूप में मनाया। इस मौके पर विभिन्न जगहों पर सभाओं का आयोजन किया गया। जिसमें बाबरी विध्वंस को देश की अखंडता और सौहार्द को ठेस पहुंचाने का कृत्य करार दिया।
सच्चर कमेटी की रिपोर्ट लागू करने की मांग
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग पार्टी ने ढंडेरा स्थित कार्यालय पर काला दिवस मनाते हुए शोक सभा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि छह दिसंबर को सांप्रदायिक ताकतों ने देश की एकता और अखंडता को तोड़ने का प्रयास किया है। इस मौके पर रंगनाथ मिश्रा और सच्चर कमेटी की रिपोर्ट लागू करने की मांग की गई।
साथ ही राष्ट्रपति को पत्र भेजकर मसले का समाधान कराने की भी मांग की है। इस मौके पर लीग के उपाध्यक्ष सईद अहमद, राव फरमान अली, इमरान, हाजी शौकत अली एवं जमशेद अली आदि उपस्थित रहे।
उधर, जिला पंचायत सदस्य कमर आलम के ईदगाह चौक स्थित कार्यालय पर भी सभा का आयोजन कर काला दिवस मनाया गया। उन्होंने कहा कि छह दिसंबर को सांप्रदायिक तत्वों ने संविधान का खुला उल्लंघन किया था। इससे धर्मनिरपेक्ष व्यक्तियों के दिलों पर ठेस पहुंची है। उन्होंने लोगों से शांति और सौहार्द के साथ रहने की अपील की।
सत्ता पाने को उठा रहे मंदिर मुद्दा
कांग्रेस जिला प्रवक्ता रमेश चंद जोशी ने कहा कि भाजपा और हिंदू संगठन मिलकर मंदिर निर्माण का सपना दिखाकर सत्ता पाना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने शासनकाल में कभी राम मंदिर का मुद्दा नहीं उठाया। लेकिन जब-जब चुनाव आते हैं तो तब ऐसे मुद्दों को हवा दी जाती है।