जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति
राज्य के प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी बतौर सदस्य शामिल रहेंगे। इसके साथ ही जीआईएस विशेषज्ञ को भी समिति में शामिल किया जाएगा। यह समिति अतिक्रमण के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की भी कार्रवाई करेगी। समिति के कुशल संचालन को प्रत्येक जिलाधिकारी को 20 लाख रुपये पूंजीगत मद में दिए जाएंगे।
आयुक्त एवं सचिव राजस्व के नेतृत्व में काम करेगी राज्य स्तरीय समिति
राज्य स्तरीय समिति आयुक्त एवं सचिव राजस्व के नेतृत्व में काम करेगी। इस समिति में राजस्व के अलावा चार अन्य संस्थाओं के नामित अधिकारी बतौर सदस्य शामिल रहेंगे। यह समिति भू अभिलेखों को व्यवस्थित करने संबंधी कार्य करेगी।
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मुख्य सचिव को रिपोर्ट करेंगी दोनों समितियां
इसमें मुख्य सचिव के स्तर पर भी राज्य स्तरीय सरकारी व सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। समिति की अध्यक्ष्ता मुख्य सचिव करेंगे, जबकि अन्य विभागों के सचिव बतौर सदस्य शामिल रहेंगे। यह समिति दोनों समितियों के स्तर से की जा रही कार्रवाई पर नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर अपने सुझाव देगी।
इन समितियों के गठन का मुख्य उद्देश्य विभागों की जवाबदेही तय करना है। सभी विभागों को अपनी जमीनों और संपत्तियों को हिसाब किताब खुद रखना होगा। उनके पास कितनी जमीन और परिसंपत्तियां हैं, कब्जों की क्या स्थिति है, कैसे हटाया जाना है, इन सब पर बड़ी कवायद शुरू की गई है। - सचिन कुर्वे, सचिव राजस्व, उत्तराखंड शासन