रोजगार के नए अवसर खोलेगा अभियान
इस कार्यक्रम में देशभर से आए प्राध्यापकों ने भाग लिया, जिनमें जम्मू के डॉ. धनंजय मिश्रा, जयपुर के डॉ. राकेश जैन, हिमाचल के डॉ. ओमप्रकाश साहनी, दिल्ली के डॉ मनोज्ञा, डॉ. शैलेंद्र प्रसाद उनियाल, डॉ. ब्रहमानंद मिश्रा, डॉ. रेखा पांडेय शामिल हैं। सह निदेशिक प्रो. चंद्रकला आर कोंडी ने कहा कि यह पाठ्य अभियान न केवल शिक्षा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा।
ये भी पढे़ं...Uttarakhand: शादी को लेकर विवादों में भाजपा के पूर्व विधायक, पार्टी के नोटिस का दिया जवाब, जल्द होगा फैसला
कई सत्य सामने लाने होंगे
परिसर निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने कहा कि पश्चिम ने हमारे ज्ञान की हमेशा अपने नाम से प्रस्तुत किया। शून्य का आविष्कार भारत ने किया, लेकिन है। ऐसे अनेक सत्यों को अब सामने लाना अभियान में सीधे उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के छात्र इस अनुवाद अभियान जुड़ेंगे, जिससे संस्कृत शिक्षा को नया जीवन मिलेगा।