बड़ी उपलब्धि
इसके साथ ही गांवों में रसोई गैस वितरण, पशु चिकित्सा के लिए प्रारंभिक सेवाएं, बीमा योजना, डिजिटल लेनदेन का काम भी महिलाओं ने संभाला है। इस कार्य से उन्हें कमीशन के रूप में आय प्राप्त हो रही है। प्रदेश में एक लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन गईं है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहीं है। महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। -राधिका झा, सचिव, ग्राम्य विकास विभाग
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2,114 महिलाएं बनीं डीजी पे सखी
ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं डीजी पे सखी के रूप में 1512 गांवों में डिजिटल लेनदेन की सेवाएं दे रही हैं। इन महिलाओं ने 196.50 करोड़ का लेनदेन किया। इससे उन्हें 5.89 लाख का कमीशन मिला। इसके अलावा 176 महिलाएं पशु सखी के रूप में पशुओं को प्राथमिक उपचार और बीमा कराने की सेवाएं दे रही हैं। साथ ही 109 स्वयं सहायता समूह की महिलाएं एचपी सखी के रूप में रसोई गैस वितरण का कार्य कर रही है। इससे उन्हें प्रति माह पांच से छह हजार की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही हैं।