पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि किसानों को कुचलकर उनकी निर्मम हत्या करने की घटना से पूरा देश स्तब्ध है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी और उनके बेटे आशीष मिश्र की गिरफ्तारी की मांग के साथ कांग्रेस बृहस्पतिवार को बाजपुर से लखीमपुर खीरी तक विरोध मार्च निकालेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री रावत बुधवार रात रामनगर रोड स्थित होटल में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों की हत्या की सूचना पर लखीमपुर खीरी जा रही पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस ने सीतापुर मार्च का आह्वान किया था। इस कांड में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री और उनके पुत्र की संलिप्तता सामने आने पर कांग्रेस ने लखीमपुर खीरी मार्च का निर्णय लिया है। कांग्रेस तीनों काले कानूनों को निरस्त कराने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगी। रावत ने आरोप लगाया कि विरोध को दबाने के लिए भाजपा सरकार दमनात्मक रवैया अपनाए हुए है। यूपी और उत्तराखंड में सरकार की निरंकुशता के कारण लोकतंत्र खतरे में है।
कर्मचारियों की आवाज दबाने के लिए रासुका और एस्मा का सहारा लिया जा रहा है। लोकतंत्र बहाली की मांग को लेकर कांग्रेस उत्तराखंड में छह चरणों में आंदोलन कर रही है। इसके दो चरण पूरे हो चुके हैं। आंदोलन के अंतिम चरण में देहरादून में विशाल रैली होगी। रावत ने कहा कि उनकी व्यक्तिगत इच्छा है कि उत्तराखंड की कमान किसी दलित के हाथ में हो। अपने पूर्व के बयान पर वह अभी भी कायम हैं। उन्होंने धान का एक-एक दाना खरीदे जाने की मांग रखी।
रावत ने कार्यकर्ताओं की बैठक भी ली। इसमें उन्होंने चुनाव की तैयारियों में जुट जाने का आह्वान किया। बैठक में मनोज जोशी, संदीप सहगल, मुक्ता सिंह, अरुण चौहान, हरीश कुमार सिन्हा, डॉ दीपिका गुड़िया, इंदर सिंह आदि ने विचार रखे। वहां त्रिलोक अधिकारी, अलका पाल, महेंद्र बेदी, प्रभात साहनी, राशिद फारूकी, जय सिंह, जितेंद्र सरस्वती, विनोद वात्सल्य आदि थे।
लखीमपुर खीरी के विरोध में किसानों का प्रदर्शन
लखीमपुर खीरी कांड के विरोध में किसान कांग्रेस ने टिहरी के चमियाला बाजार में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार का पुतला फूंककर विरोध दर्ज किया। दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी करने और घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।