नैनीताल के जिला एवं सत्र न्यायाधीश एनएस धानिक की अदालत ने लाडली हत्याकांड में शामिल दो अन्य आरोपियों प्रेमपाल और जूनियर मसीह को भी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
दोनों को पुख्ता सुरक्षा के बीच शनिवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत मुख्य आरोपी अख्तर अली को शुक्रवार को ही जेल भेज चुकी है।
शनिवार को पेश किए गए आरोपी प्रेमपाल वर्मा (24) निवासी जहानाबाद (पीलीभीत) और जूनियर मसीह उर्फ पोक्सी (30) निवासी फंटोका (रुद्रपुर) का पुलिस ने शनिवार को पहले बीडी पांडे अस्पताल में मेडिकल कराया।
आरोपियों की पेशी की सूचना पर आशा कार्यकत्रियों समेत कई महिलाएं अस्पताल के बाहर एकत्र हो गईं थीं जिसे देखते हुए पुलिस ने डमी आरोपियों से उन्हें झांसा दिया और असली आरोपियों को अस्पताल के पीछे के रास्ते निकालकर अदालत में पेश किया।
आरोपियों पर आईपीसी की धारा 376, 302, 363, 201 और पाक्सो के तहत दर्ज मुकदमे के अवलोकन के बाद जिला जज ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए।
पुलिस ने मांगी डीएनए जांच कराने की अनुमति
मामले की विवेचना कर रहे एसआई दिनेश पंत ने बताया कि कोर्ट में आरोपियों की डीएनए जांच के लिए आवेदन किया गया है। आदेश मिलने के बाद डीएनए जांच कराई जाएगी। इस बीच, पुलिस ने वारदात के दौरान पहने गए आरोपियों के कपड़े भी बरामद कर लिए हैं, जिन्हें शनिवार को जिला जज के अवलोकन के बाद फिर से सील कर दिया गया।
एक बार जूता मारने दो... तसल्ली मिल जाएगी
बीडी पांडे अस्पताल में जुटी आशा कार्यकत्रियों और महिलाओं में आरोपियों के प्रति इतना गुस्सा था कि वे किसी तरह उन्हें एक बार जूता मारना चाहती थीं। वे मांग कर रहीं थीं कि 'आरोपियों को एक बार जूता मारने दो तो उन्हें तसल्ली मिल जाएगी’।
प्रदर्शनकारियों में पिथौरागढ़ से आई प्रेमा पंत, आशा कार्यकत्री संगठन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल, तुलसी, गीता, विशना बिष्ट, मुन्नी देवी, निर्मला, चंद्रा और सरिता आदि शामिल थीं।
वकीलों ने भी उतारा गुस्सा, थप्पड़ जड़े
भारी सुरक्षा के बावजूद आरोपियों को न्यायालय से बाहर लाते वक्त वहां मौजूद वकीलों और अन्य ने उन पर जमकर थप्पड़ जड़े और मुक्के बरसाए। लोग इतने गुस्से में थे कि आरोपियों को पीटने के लिए उन्होंने पीछे से दौड़ भी लगाई, लेकिन पुलिस उन्हें काफी दूर ले जा चुकी थी।