रामपुर में फिर धमका हाथी, गेट तोड़ा, फसल रौंदी
सनेह क्षेत्र के रामपुर में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार रात को एक बार फिर हाथियों ने जहां काश्तकारों की गेहूं की फसल को चौपट कर दिया, वहीं एक दिन पहले तोड़े गए गेट के दूसरे हिस्से को भी तोड़ डाला। ग्रामीणों ने पटाखे फोड़े और कनस्तर बजाए तो एक घंटे की मशक्कत के बाद हाथी गए। आरोप लगाया कि वन विभाग की ओर से रात्रि गश्त बंद कर दी गई है।
रामपुर निवासी बालम सिंह पंवार ने बताया कि मंगलवार रात 2:00 बजे दो हाथियों ने उनके गेट का दूसरा हिस्सा भी तोड़ डाला। साथ ही पानी से भरी टंकी को भी खाली कर गए। कहा कि रात को हाथी घर आंगन में धमक रहे हैं। वहीं, काश्तकार मोहन सिंह रावत ने बताया कि हाथियों ने जहां उनकी करीब दो बीघा गेहूं की फसल रौंद डाली।
वहीं दूसरे खेत में पशुचारा बर्सीम भी चट कर दिया। पटाखे फोड़ने और कनस्तर बजाकर करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हाथी को खेतों से भगाया। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और उन्हें फसल की क्षति का मुआवजा देने की मांग की। वहीं कोटद्वार रेंजर विपिन चंद्र जोशी ने कहा कि रामपुर क्षेत्र में वन कर्मियों को भेजा गया है। फसल क्षति के मुआवजे के लिए जल्द रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी और क्षेत्र में वन कर्मियों की गश्त बढ़ाई जाएगा।