उत्तरांखड के टनकपुर में पुलिस ने कीड़ा जड़ी (यारसा गंबू) की तस्करी का बड़ा मामला पकड़ने में सफलता हासिल की है।
नेपाल लेकर जा रहा था कीड़ा-जड़ी
धारचूला के एक व्यक्ति को चार किलो कीड़ा जड़ी के साथ गिरफ्तार किया गया है, जिसकी कीमत करीब 40 लाख रुपए बताई जा रही है। आरोपी बरामद कीड़ा-जड़ी लेकर नेपाल जा रहा था। आरोपी धारचूला में एनजीओ भी चलता है।
बरामद कीड़ा जड़ी और आरोपी को वन विभाग के सुपुर्द किया गया है। एसपी ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपए इनाम की घोषणा की है।
बुधवार दोपहर मुखबिर ने पुलिस को बड़ी मात्रा में कीड़ा जड़ी लेकर धारचूला से एक व्यक्ति के टनकपुर आने की सूचना दी, जिस पर कोतवाल नरेश चंद ने पुलिस टीम गठित कर उसे दबोचने के लिए जाल बिछाया और नेपाल मार्ग में मस्जिद के नीचे उसे धर दबोचा।
कोतवाल नरेश चंद ने बताया कि आरोपी इंद्र सिंह ग्वाल (45) पुत्र नत्थू सिंह ग्वाल निवासी गौधारीबगड़ बलुवाकोट धारचूला (पिथौरागढ़) का रहने वाला है, जो बरामद कीड़ा जड़ी लेकर नेपाल जा रहा था। बरामद कीड़ा जड़ी की कीमत करीब 40 लाख रुपए आंकी गई है।
आरोपी से हुई पूछताछ का हवाला देते हुए सीओ प्रताप सिंह पांगती ने बताया कि आरोपी ने बरामद कीड़ाजड़ी वहां के ग्रामीणों से खरीद कर एकत्र की थी और नेपाल के एक तस्कर से सौदा कर नेपाल जा रहा था।
सीओ ने बताया कि आरोपी इंद्र सिंह धारचूला में हिमालयन स्वयं सहायता समूह और मंच संगठन नामक एनजीओ चलाता है। बहरहाल पुलिस ने आरोपी को वन विभाग के सुपुर्द किया है।
शारदा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी ख्याली राम ने बताया कि आरोपी के खिलाफ वन अधिनियम 26 और वन उपज अभिवहन नियमावली 1978 के तहत मुकदमा दर्ज कर गुरुवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस टीम में उप निरीक्षक विनोद यादव, उप निरीक्षक विनोद जोशी, कांस्टेबल मंजीत सिंह कांस्टेबल एसओटीएफ नरेंद्र सिंह रावत शामिल थे।
छह साल पहले भी पकड़े थे दो मामले
इस बॉर्डर से नेपाल के रास्ते कीड़ा जड़ी की तस्करी नई बात नहीं है। इससे पूर्व भी पुलिस ने 2008 में कीड़ा जड़ी तस्करी के दो मामले में करीब साढ़े सात किलोग्राम जड़ी बरामद की थी। रेंजर ख्याली राम ने बताया कि पूर्व में बरामद कीड़ा जड़ी वन निगम के जरिए नीलाम की जा चुकी है।