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मगरमच्छ से भिड़ गए तीन बच्चे, पाई जीत

Mon, 30 Jun 2014 09:13 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, लक्सर
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लक्सर के बिजोपुरा गांव में एक मासूम के लिए तीन बच्चे वरदान साबित हुए। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना मौत के मुंह से मासूम को बाहर निकाल लिया।
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दरअसल बिजोपुरा गांव में शनिवार को तालाब के किनारे खेल रहे एक बच्चे प्रमोद (उम्र-9 वर्ष) पुत्र बनवारी का पैर पकड़कर मगरमच्छ ने उसे पानी के अंदर खींचना शुरू कर दिया।

बहादुरी‌ दिखाकर बच्चे को मगरमच्छ से छुड़ाया

प्रमोद की चीख पुकार सुनकर लकड़ी चुन रहे मेनपाल, छोटू और मेनका की नजर उस पर पड़ी। तीनों ने बहादुरी का परिचय देते हुए प्रमोद को मगरमच्छ के चंगुल से मुक्त कराया।

दोपहर करीब 12 बजे ग्राम खेडीखुर्द गांव के मेनपाल, छोटू और मेनका नाम के तीन बच्चे लकड़ी चुनने के लिए बिजोपुरा गांव में तालाब के पास पहुंच गए।

तभी बच्चे की चीख-पुकार सुनकर उनकी नजर नौ वर्षीय प्रमोद पर पड़ी, जिसे तालाब के किनारे मगरमच्छ ने पकड़ लिया था और उसे पानी के अंदर खींच रहा था।
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प्रमोद को छोड़कर भाग गया मगरमच्छ

तीनों ने साहस का परिचय देते हुए प्रमोद का हाथ पकड़ लिया। साथ ही मगरमच्छ पर पथराव करने लगे।

बच्चों के संघर्ष का परिणाम यह रहा कि मगरमच्छ प्रमोद को छोड़कर वापस तालाब में चला गया। इस बीच शोर सुनकर काफी संख्या में ग्रामीण भी वहां एकत्रित हो गए।

लोगों की मदद से घायल प्रमोद को अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे हरिद्वार अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। तालाब में मगरमच्छ की मौजूदगी से ग्रामीण दहशत में हैं।

पूर्व प्रधान नरसिंह का कहना है कि पूर्व में भी मगरमच्छ गांव में आ चुका है। कई बार वन विभाग के अधिकारियों को सूचना भी दी जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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