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'उमा भारती पर कृपा नहीं करेंगे भगवान राम'

Mon, 30 Jun 2014 09:13 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, देहरादून
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उमा भारती द्वारा साईं बाबा की पूजा का सर्मथन करने के बाद शंकराचार्य उनसे नाराज हैं।
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उन्होंने कहा है कि अगर उमा भारती साईं बाबा को मानती हैं तो भगवान राम उन पर कभी कृपा नहीं करेंगे।

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि वह राम मंदिर और राम पूजा का समर्थन करती हैं, लेकिन साईं बाबा की पूजा का समर्थन करने के बाद यह साबित होता है कि उमा राम भक्त नहीं हो सकतीं।

ह‌िंदुओं को साईं मंदिर में न जाने की सलाह दी

इससे पहले केंद्रीय मंत्री उमा भारती शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में जगद्गुरू शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के बयानों पर कहा कि वो उनसे इत्तेफाक नहीं रखती।

उमा भारती ने पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने साईं मंदिरों में ह‌िंदुओं के न जाने का बयान क्यों दिया इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

गौरतलब है कि शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने साईं मंदिरों में ह‌िंदुओं को न जाने की सलाह दी है। यही नहीं इस मामले में एफआईआर होने के बावजूद स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा है कि वो अपने बयान से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

'मैं खुद साईं बाबा को मानती हूं'

उमा भारती ने स्वरूपानंद सरस्वती के बयान पर कहा कि खुद साईं बाबा ने अपने आप को भगवान नहीं बताया है और न ही उनके भक्त उन्हें अवतार मानते हैं। निजी तौर पर मैं खुद साईं बाबा को मानती हूं।

जगद्गुरू शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती पिता समान है। यह सब आस्‍था का मामला है। इसको लेकर विरोध नहीं होना चाहिए।

इससे पहले कल ही स्वरूपानंद ने साईं मंदिरों में ह‌िंदू देवताओं को अपमान‌ित करने का आरोप लगाया।
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शंकराचार्य खेमे को रास नहीं आया उमा का बयान

साईं बाबा के पक्ष में उमा भारती द्वारा बोलना शंकराचार्य खेमे को रास नहीं आया। उमा और शंकराचार्य समर्थकों के बीच ठन गई है।

रविवार की शाम भारत साधु समाज का सम्मेलन खुद शंकराचार्य के कनखल मठ में बुलाया गया है। इस सम्मेलन में साईं बाबा और उमा भारती के विरुद्ध प्रस्ताव पारित किए जाने की उम्मीद है।

भारत साधु समाज के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी हरिनारायणानंद ने शनिवार की शाम शंकराचार्य से भेंट की।

गौरतलब है कि स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती भारत साधु समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है। दोनों संतों के बीच देर तक वार्ता चलती रही।
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