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अब केदारनाथ मंदिर नहीं दिलाएगा आपदा की याद

Sat, 09 May 2015 01:55 AM IST
प्रवेश कुमारी/ अमर उजाला, हल्द्वानी
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अब केदारनाथ मंदिर को देखकर जून 2013 में आई भीषण आपदा की याद नहीं आएगी।
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केदारनाथ मंदिर के उद्धार के लिए 16 लाख की पहली किस्त मिल गई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई के दून सर्किल ने इसके पुनरुद्धार का पूरा खाका खींचा हुआ है।

मौसम की चाल को देखते हुए एएसआई की टीम अब 12 मई को रवाना होगी। पहले टीम को 6 मई को रवाना होना था। एएसआई दून सर्किल की ओर से केदारनाथ मंदिर के संरक्षण और उद्धार कार्य केलिए तकरीबन 80 लाख रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसे एएसआई के नई दिल्ली स्थित महानिदेशक कार्यालय की हरी झंडी का इंतजार है।
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सूत्रों की मानें तो इसे जारी होने में केवल एक-दो दिन का समय और लग सकता है। कार्य शुरू करने के लिए एक तिहाई बजट का हिस्सा पहले भेज दिया गया है।

एएसआई दून सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद् वसंत कर्माकर के अनुसार एक सीजन में कम-से-कम 100 दिन लगातार कार्य करना होगा। लेकिन मौसम की वजह से यह संभव नहीं हो पाया है।
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आपदा के बाद से फर्श पर पसरा है मलबा

अबकी मंदिर में कार्य का शुरुआती चरण तकरीबन एक माह का रखा गया है। मंदिर की पश्चिमी और दक्षिणी दीवार के पत्थरों को रिसेट करने के साथ ही मंदिर की दीवार की मरम्मत की जाएगी। इसके साथ ही केदारनाथ मंदिर परिसर के फर्श को भी समतल किए जाने का कार्य होगा।

दो साल पहले सन् 2013 में जून माह में आई आपदा के बाद से ही फर्श पर मलबा पसरा है। पत्थर टूटे हुए हैं। इन्हें रिसेट किया जाना था, जिसके लिए बर्फ हटने के साथ ही मौसम ठीक होने का इंतजार किया जा रहा था।

पत्थरों को सेट करने केलिए आकार देकर भी रखा गया है। संवेदनशील और बारीक कारीगरी का काम होने की वजह से यहां कार्य के लिए विशेष रूप से राजस्थान से मजदूर बुलाए गए हैं।
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