अब केदारनाथ मंदिर को देखकर जून 2013 में आई भीषण आपदा की याद नहीं आएगी।
केदारनाथ मंदिर के उद्धार के लिए 16 लाख की पहली किस्त मिल गई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई के दून सर्किल ने इसके पुनरुद्धार का पूरा खाका खींचा हुआ है।
मौसम की चाल को देखते हुए एएसआई की टीम अब 12 मई को रवाना होगी। पहले टीम को 6 मई को रवाना होना था। एएसआई दून सर्किल की ओर से केदारनाथ मंदिर के संरक्षण और उद्धार कार्य केलिए तकरीबन 80 लाख रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसे एएसआई के नई दिल्ली स्थित महानिदेशक कार्यालय की हरी झंडी का इंतजार है।
सूत्रों की मानें तो इसे जारी होने में केवल एक-दो दिन का समय और लग सकता है। कार्य शुरू करने के लिए एक तिहाई बजट का हिस्सा पहले भेज दिया गया है।
एएसआई दून सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद् वसंत कर्माकर के अनुसार एक सीजन में कम-से-कम 100 दिन लगातार कार्य करना होगा। लेकिन मौसम की वजह से यह संभव नहीं हो पाया है।