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उत्तराखंडः कांग्रेस विधायक ने दी इस्तीफे की धमकी

Fri, 29 Aug 2014 08:08 PM IST
अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार के लिए अपनी ही पार्टी की विधायक शैला रानी रावत परेशानी खड़ी करती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने केदारनाथ आपदा के बाद सरकार के कार्यों को लेकर तीखे तेवर दिखाए हैं।
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उन्होंने यह कहकर हलचल मचा दी है कि मैं सिर्फ सरकार बनाने के लिए विधायक नहीं बनी हूं। यदि आपदा प्रभावित जनता का काम नहीं हुआ, तो विधायकी छोड़ने से भी नहीं हिचकेंगी।

केदारनाथ क्षेत्र से विधायक श्रीमती रावत केदारनाथ में कैबिनेट बैठक से सहमत नहीं है। उनका कहना है कि वहां बैठक के बजाय सरकार केदारनाथ के पुरोहित समाज, मजदूर, व्यापारी और हकहकूधारियों से पूछकर धाम और पड़ावों को दोबारा से आबाद करने की योजना बनानी चाहिए।
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'एक ही लाठी से सबको हांक रहे हरीश'

यहां पत्रकार वार्ता में कांग्रेस विधायक ने प्रदेश सरकार पर काफी तीर चलाए। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम विजय बहुगुणा ने प्रभावितों की आवाज देर से ही सही, लेकिन सुनीं।

शैला रानी ने कहा क‌ि वर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत काम तो करवा रहे हैं, लेकिन वह एक ही लाठी से सबको हांक रहे हैं। केदारघाटी के आपदा प्रभावितों को अन्य जिलों के प्रभावितों के समान माना जा रहा है जबकि यह सबको पता है कि यहां के लोगों का रोजगार पूरी तरह से छिन गया।

केदारनाथ में पूर्ववत व्यवस्था बनाने के लिए तीर्थ पुरोहित, स्थानीय लोगों, मजदूर सभी को साथ लेकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ में गलत सर्वेक्षण किया गया है।
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सरकार पर विश्वास में न लेने का आरोप

कहा कि वह संसदीय सचिव आपदा प्रबंधन केदारघाटी हैं, लेकिन आपदा प्रबंधन के तहत कार्य कराए जा रहे हैं कार्यों में उनको विश्वास में नहीं लिया गया है।

वह प्रदेश की अकेली विधायक होंगी, जो संसदीय सचिव होने के बावजूद लालबत्ती नहीं लगाती और अपने वाहन में जाती हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कहा था कि मृतक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलेगी। हाल में उत्तराखंड में माली के 450 पदों पर भर्ती की गई, लेकिन इसमें एक भी आपदा प्रभावित नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि केदारनाथ के लिए ठोस पहल करने के लिए वह सीएम, पीएम और राष्ट्रपति से मिलेंगी। जब तक वह अपने प्रयास में सफल नहीं हुई, संघर्ष जारी रखेंगी।
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