यहीं नहीं, बाबा के दर्शनों के लिए इस वर्ष पैदल यात्रा का दायरा भी बढ़ा है। आंकड़ों के अनुसार 9 मई से 24 जून तक 447748 श्रद्धालु गौरीकुंड से 17 किमी की पैदल दूरी तय कर धाम पहुंचे हैं। जबकि वर्ष 2018 में पूरे यात्राकाल सिर्फ 3 लाख 47 हजार 504 श्रद्धालु ही पैदल धाम पहुंचे थे।
आस्था के सैलाब से डेढ़ माह में केदारघाटी, पैदल मार्ग के पड़ावों और धाम में कारोबार को भी नई गति मिली। साथ ही घोड़ा-खच्चरों से भी 2 लाख 32 हजार श्रद्धालु भी बाबा के दर्शनों को पहुंचे, जिससे प्रशासन को साढ़े तीन करोड़ की आमदानी हो चुकी है। पालकी व कंडी संचालक भी बीते वर्ष से डेढ़ से दो गुना अधिक कमा चुके हैं। हेलीकॉप्टर से भी 16 मई से 23 जून तक 55241 श्रद्धालु धाम पहुंचे हैं।
संसाधन श्रद्धालु की संख्या
पालकी 7715
कंडी 5600
हेलीकॉप्टर 55241
घोड़े-खच्चर 232000
पैदल 447784
नोट: 24 जून तक के आंकड़े
केदारनाथ में दर्शनार्थियों की रिकार्ड संख्या से श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की आय में भी वृद्धि हुई है। बीते वर्ष समिति को यात्राकाल में 12 करोड़ की आय हुई थी। जबकि इस वर्ष डेढ़ माह में ही आमदानी का आंकड़ा 15 करोड़ पार कर चुका है। बरसात थमने के बाद यात्रा के दो माह में समिति की कमाई 20 करोड़ पार होने की उम्मीद है।
केदारनाथ यात्रा का पहला चरण सुखद रहा है। इस दौरान उम्मीद से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंचे। इस दौरान कुछ दिक्कतें भी आई। इन बातों को ध्यान में रखते हुए आगामी यात्रा तैयारियों के लिए नए तरीके से खाका तैयार किया जाएगा। साथ ही मूलभूत व्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
- मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग