हाल में ही आप में शामिल हुए पूर्व कबीना मंत्री केदार सिंह फोनिया ने कांग्रेस प्रत्याशी डा. हरक सिंह रावत के चुनाव प्रचार में शामिल होकर सबको चौंका दिया है।
फोनिया का यह कदम अपने बचपन के साथी लेकिन अब राजनीतिक दुश्मन बन गए भाजपा प्रत्याशी बीसी खंडूड़ी से बदला लेने का माना जा रहा है।
तीन बार विधायक रह चुके हैं
फोनिया तीन बार बदरीनाथ विधान सभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2007 में भाजपा की सरकार बनने पर उनको खंडूड़ी कैबिनेट में जगह नहीं मिली थी।
जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय विधायक राजेंद्र भंडारी को मंत्री बनाया गया। फोनिया को उम्मीद थी कि बालसखा खंडूड़ी उनकी वरिष्ठता का ख्याल रखेंगे। ऐसा नहीं होने पर दोनों के संबंधों में खटास आ गई। इस कडुवाहट को फोनिया समय-समय पर व्यक्त करते रहे।
उत्तराखंड रक्षा मोर्चा का दामन थामा
वर्ष 2012 के चुनाव में भाजपा ने फोनिया के बजाय तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमबल्लभ भट्ट को टिकट दे दिया। लगातार हो रही उपेक्षा से नाराज फोनिया ने उत्तराखंड रक्षा मोर्चा का दामन थामा। वह भंडारी के खिलाफ चुनाव लडे़, लेकिन हार गए।
कुछ महीने पहले ही फोनिया आप में शामिल हो गए थे। आप ने उनसे चुनाव लड़ने का आग्रह किया गया था। लेकिन उन्होंने आप प्रत्याशी के लिए वोट जुटाने की बता कही थी।
खंडूड़ी के प्रति गुस्सा कम नहीं
अब अचानक मंगलवार को वह कांग्रेस प्रत्याशी हरक के समर्थन में उतर गए। इससे साफ माना जा रहा है कि उनके मन में खंडूड़ी के प्रति गुस्सा कम नहीं हुआ है। उनको लगता है कि हरक ही एकमात्र प्रत्याशी हैं, जिनके जरिये वह खंडूड़ी को पटखनी दे सकते हैं।
फोनिया जी मुझे आशीर्वाद देने पहुंचे हैं। बुजुर्गों का स्नेह और जनता का समर्थन मुझे लोकसभा पहुंचाएगा। - डा. -हरक सिंह रावत, कांग्रेस प्रत्याशी