पंजाब से भागकर उत्तराखंड में काशीपुर के गुलजारपुर गांव में छुपे तीन गैंगस्टरों को कुमाऊं एसटीएफ और पंजाब की क्राइम पेट्रोल यूनिट ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से पूर्व दस मिनट तक दोनों तरफ से करीब 15 राउंड फायरिंग हुई। गैंगस्टर यहां करीब एक सप्ताह से छुपे थे। इनके पास से 30 बोर की पिस्टल, 71 कारतूस और मैग्नम पिस्टल के खोखे बरामद हुए हैं।
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एसटीएफ सीओ, कुमाऊं परिक्षेत्र पूर्णिमा गर्ग ने बताया कि कुछ दिन पहले पंजाब पुलिस ने एसटीएफ को पंजाब के तीन गैंगस्टरों के काशीपुर क्षेत्र में छुपे होने की सूचना दी थी। सूचना पर एसटीएफ और पंजाब की क्राइम पेट्रोल यूनिट ने गैंगस्टरों की धरपकड़ के लिए योजना बनाई और काशीपुर में डेरा जमा लिया। पांच दिन तक काशीपुर के कई क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाने के बाद सोमवार को गैंगस्टरों के गुलजारपुर गांव के एक फार्म हाउस में छुपे होने की सूचना मिली।
दोनों टीमों ने फार्म हाउस पर दबिश दी तो गैंगस्टरों ने फायरिंग शुरू कर दी। पंजाब पुलिस और एसटीएफ ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की। करीब दस मिनट तक दोनों तरफ से करीब 15 राउंड फायरिंग की गई, जिसके बाद गैंगस्टरों को पकड़ लिया गया। सीओ ने बताया कि गैंगस्टरों के नाम भटिंडा पंजाब निवासी संदीप उर्फ भल्ला, संगरूर पंजाब निवासी फतेह सिंह उर्फ युवराज और अमनदीप हैं। गुलजारपुर गांव के जगवंत ने इन्हें शरण दी थी जिसके चलते उसे भी गिरफ्तार किया गया है। जगवंत की स्कार्पियो और गैंगस्टरों की एक कार को भी टीम ने कब्जे में लिया है।
तीनों गैंगस्टरों पर कई आपराधिक मामले दर्ज
सीओ पूर्णिमा गर्ग ने बताया कि गैंगस्टरों में संदीप के खिलाफ पंजाब में सात, फतेह सिंह के खिलाफ 28 और अमनदीप के खिलाफ नौ अभियोग विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन्हें पकड़ने में कुमाऊं एसटीएफ के 16 और पंजाब पुलिस के 10 पुलिस कर्मियों की टीम जुटी थी।