ज्योतिषाचार्य के मुताबिक चतुर्थी एक दिन पड़ती है। संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा की जाती है। वहीं, करवाचौथ के दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना के लिए निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव, पार्वती और कार्तिकेय की पूजा करतीं हैं। संध्या काल में चांद देखने के बाद अर्घ्य देकर व्रती अपना व्रत तोड़ती हैं।
करवाचौथ को लेकर सजे बाजार
बाजार करवाचौथ के लिए सजा गए हैं। कहीं साड़ी की दुकानों में रंगत है तो कहीं चूड़ियों की खनक सुनाई दे रही है। सड़कों पर भी करवाचौथ से जुड़े सामान की बिक्री हो रही है।
साड़ी दुकानदार संजय कुमार व सन्नी बताते हैं कि करवाचौथ पर रौनक तो बढ़ी है, लेकिन बाजार में कुछ मंदी है। करवाचौथ पर लाल रंग की साड़ी सबसे अधिक पसंद की जा रही है।