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Politics: कर्नाटक की हार से उत्तराखंड भाजपा के लिए कड़ी होगी चुनौती, निकाय और लोकसभा चुनाव में करना है सामना

Sun, 14 May 2023 12:16 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

कर्नाटक से चुनावी रुझानों में भाजपा की हार का एहसास होते ही पार्टी मुख्यालय में जुटे कार्यकर्ता व कतिपय नेता धीरे-धीरे खिसकने लगे और कुछ देर में वहां खामोशी पसर गई। अब भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व शासित राज्यों पर सांगठनिक और चुनावी तैयारियों को लेकर दबाव बनाएगा।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड भाजपा तमाम कोशिशों के बाद भी अपने चेहरे से कर्नाटक विधानसभा चुनाव की पराजय नहीं छुपा पा रही है। यह हार उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पार्टी के निकाय चुनाव में शानदार जीत पर भी भारी पड़ गई। पार्टी इस जीत का जश्न नहीं मना पाई। सियासी जानकारों का मानना है कि कर्नाटक की हार से उत्तराखंड भाजपा के लिए भी आने वाले चुनाव में चुनौती कड़ी हो जाएगी।

बहरहाल शनिवार को भाजपा मुख्यालय का नजारा और दिनों से जुदा था। कर्नाटक से चुनावी रुझानों में भाजपा की हार का एहसास होते ही पार्टी मुख्यालय में जुटे कार्यकर्ता व कतिपय नेता धीरे-धीरे खिसकने लगे और कुछ देर में वहां खामोशी पसर गई। हालांकि पार्टी नेताओं ने इस सन्नाटे पर तर्क दिया कि ज्यादातर पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के पार्टी की सह प्रभारी रेखा वर्मा के सुपुत्र के विवाह समारोह में शामिल होने की वजह से पार्टी कार्यालय की चहल-पहल कम थी।

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शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव भी होने हैं इसी वर्ष
बहरहाल हिमाचल के बाद कर्नाटक में मिली हार ने राज्य भाजपा को भी हिला कर रख दिया है।राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, भाजपा के सामने लोकसभा चुनाव से पहले अगले कुछ महीनों में दो अहम चुनाव हैं। कैबिनेट मंत्री रहे चंदनराम दास के निधन के बाद खाली हुई बागेश्वर विस सीट पर उपचुनाव होना है। शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव भी इसी वर्ष होने हैं।

सांगठनिक तैयारियों के मोर्चे पर भाजपा बेशक कांग्रेस से काफी आगे हो, लेकिन हिमाचल के बाद कर्नाटक विस चुनाव में मिली जीत कांग्रेस को मनोवैज्ञानिक बढ़त दिलाने में काफी मददगार साबित होगी। अंदरुनी खेमेबाजी कांग्रेस में यदि हावी नहीं हुई तो जीत से उत्साहित कांग्रेसी आगामी चुनाव में प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के लिए चुनौती को कड़ा बना सकते हैं। इस हिसाब से भाजपा पर चुनावी तैयारियों को लेकर और अधिक दबाव बढ़ेगा।

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भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी बनाएगा दबाव

कर्नाटक में चुनावी हार के बाद अब भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व शासित राज्यों पर सांगठनिक और चुनावी तैयारियों को लेकर दबाव बनाएगा। जल्द ही उत्तराखंड भाजपा को भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी होंगे। सांगठनिक मजबूती के लिए कुछ नए प्रयोग भी किए जा सकते हैं। प्रदेश सरकार के स्तर पर भी विकास की रफ्तार बढ़ाने को लेकर तेजी दिख सकती है।

सरकार में होना है दायित्व आवंटन और कैबिनेट विस्तार

कर्नाटक चुनाव के बाद अब प्रदेश सरकार में संगठन के नेताओं और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को दायित्व बांटने का निर्णय हो सकता है। कैबिनेट में भी विस्तार होना है, जिसकी बागेश्वर विस उपचुनाव के बाद होने की संभावना जताई जा रही है।

कर्नाटक के नतीजे स्वीकार, निकाय चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करेंगे : भट्ट

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ आए नतीजों पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि वह जनता के आदेश को स्वीकार करते हैं। पार्टी शानादार तरीके से लड़ी, लेकिन नतीजा हमारे पक्ष में नहीं आया। इसलिए हमें और अधिक मेहनत करने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि यूपी निकाय चुनावों में मिली शानदार जीत उत्तराखंड में भी दोहराएंगे।

ये भी पढ़ें..Congress: उत्तराखंड में पार्टी को ले डूबा था मुस्लिम यूनिवर्सिटी विवाद, कर्नाटक में बजरंगबली ने लगाई नैया पार

भट्ट ने कहा कि जिस तरह सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में भाजपा ने एकतरफा जीत दर्ज की है, उसने उत्तराखंड भाजपा कार्यकर्ताओं के हौसलों को कई गुना बढ़ाया है। यूपी में हासिल यह रिकॉर्ड जीत, प्रदेश में होने वाले आगामी निकाय चुनावों में पार्टी की जीत के अंतर को और अधिक बढ़ाने का काम करेगी। यूपी निकाय चुनावों में भाजपा की प्रचंड लहर दर्शाती है कि पार्टी प्रदेश में नगर निगम के सभी महापौर समेत पार्षदों व अन्य निकायों की अधिकांश सीटों को रिकॉर्ड मतों से जीतने जा रही है।

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