चकराता और कालसी विकासखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान विधायक मुन्ना सिंह चौहान का मैजिक खूब चला। उनके नेतृत्व में कालसी के साथ ही चकराता में भी भाजपा का शानदार प्रदर्शन रहा। चकराता में भाजपा प्रत्याशियों को मिली जीत ने कांग्रेस में खलबली मचा दी। 69 साल के इतिहास में कांग्रेस को अपना यह गढ़ हाथ से निकलता दिख रहा है। लेकिन, विकासनगर ब्लॉक क्षेत्र में विधायक मुन्ना सिंह चौहान का यह मैजिक काम नहीं कर सका। विधायक के पूरे जोर लगाने के बाद भी उनके खास कहे जाने वाले कई चेहरों को इस बार के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मुंह की खानी पड़ी। जिस कारण विधायक का यह फेलियर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विधायक मुन्ना सिंह चौहान के कट्टर समर्थक कहे जाने वाले चंद्रमोहन तोमर ने इस बार नवाबगढ़ जिला पंचायत सीट पत्नी हेमा तोमर को उम्मीदवार बनाया था। चंद्रमोहन के प्रचार में मुन्ना समर्थकों ने अपनी पूरी ताकत झोंकी हुई थी। बताया जा रहा है कि विधायक ने भी चंद्रमोहन के समर्थन में प्रचार-प्रसार किया था। लेकिन इस सीट पर उन्हें कांग्रेस के धीरज बॉबी नौटियाल से मुंह की खानी पड़ी। इस सीट पर धीरज ने हेमा तोमर को 2286 मतों के अंतर से हराया। इसी के साथ यहां से बीडीसी सीट पर वीरेंद्र बॉबी ने अपना दावा प्रस्तुत किया था। वीरेंद्र भी मुन्ना सिंह चौहान के खास लोगों में से एक है। पिछली बार मधु चौहान के लिए वीरेंद्र ने अपनी रसूलपुर सीट से जिला पंचायत की दावेदारी को छोड़ दिया था। लेकिन इस बार बीडीसी के चुनाव में वीरेंद्र बॉबी भी खास नहीं कर सके। उन्हें कांग्रेस समर्थित नितिन वर्मा से 538 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही जीवनगढ़ ग्राम प्रधान सीट से चुनाव लड़ रहे मुकेश शर्मा को भी विधायक के प्रचार-प्रसार करने के बावजूद इस सीट पर सुहेल पाशा से 10 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही पूरे ब्लॉक में बीडीसी के चुनाव में भाजपा भी यहां पर सिर्फ 17 सीटों पर जीत दर्ज कर सकी जबकि, कांग्रेस ने 18 सीटों पर जीत दर्ज की। पांच सीटें निर्दलीयों के खाते में आई हैं।