भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की सातवीं वाहिनी को विदेश मंत्रालय से कैलास मानसरोवर यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम और यात्रा रूट मिल गया है।
यात्रा का समापन नौ सितंबर को
कैलास यात्रा आठ जून से शुरू होगी। इस बार कुल 18 दल कैलास मानसरोवर के दर्शन के लिए जाएंगे और हर दल में 60-60 यात्री रहेंगे। यात्रा का समापन नौ सितंबर को होगा।
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आईटीबीपी के सेनानी केदार सिंह रावत ने बताया कि प्रथम दल के यात्री आठ जून को दिल्ली में एकत्र होंगे। नौ जून को मेडिकल परीक्षण के बाद 10 जून को दिल्ली आईटीबीपी बेस अस्पताल में भी यात्रियों का मेडिकल होगा।
11 जून को वीजा की जांच होगी और फीस जमा कराई जाएगी। 12 जून की सुबह यात्री काठगोदाम होते हुए अल्मोड़ा पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि 60-60 यात्रियों के कुल 18 दल इस बार कैलास मानसरोवर की यात्रा करेंगे।
आईटीबीपी के डॉक्टरों की टीम होगी रवाना
दिल्ली से निकलने के बाद यात्रियों का गुंजी में भी मेडिकल परीक्षण होगा। वहां यात्री एक दिन रुकेंगे। उन्होंने बताया कि मई के अंत में गुंजी के लिए आईटीबीपी के डॉक्टरों की टीम रवाना हो जाएगी।
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पैदल रास्ते की मरम्मत के लिए सीमा सड़क संगठन और लोनिवि के मजदूर लगाए जा रहे हैं। भोजन और आवास की व्यवस्था पिछले वर्षों की तरह इस बार भी कुमाऊं मंडल विकास निगम ही करेगा।
26 दिन बाद पहुंचेंगे घर
कैलास मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले हर दल के सदस्यों को आने-जाने में 201 किलोमीटर का पैदल सफर और 1698 किलोमीटर यात्रा वाहनों से करनी पड़ेगी।
पैदल यात्रा मार्ग पिथौरागढ़ जिले में पड़ता है। यात्री दिल्ली से चलने के ठीक 26 दिन बाद ही घर पहुंचेंगे।