बहुचर्चित जेपी जोशी यौन शोषण प्रकरण में पीड़िता और ब्लैकमेलिंग की आरोपी जेल में बंद युवती की ओर से लिखा एक पत्र अमर उजाला कार्यालय में पहुंचा है।
इसमें युवती ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे पीड़िता है, लेकिन पुलिस ने उसे अपराधी बना दिया।
उधर जेल प्रशासन ने इस तरह के किसी भी पत्र की जानकारी से इनकार किया है। जेपी जोशी यौन शोषण प्रकरण में पीड़िता और ब्लैकमेलिंग की आरोपी युवती 20 दिसंबर से जेल में बंद है।
पूरी तरह बदनाम हो चुकी हूं
जेल में बंद युवती ने इस पत्र में कहा है कि जेपी जोशी के खिलाफ उसने दिल्ली में एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन दिल्ली में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने पीड़ित होने के बावजूद उसे सबसे बड़ा अपराधी बना दिया, उसे इतना बदनाम कर दिया गया है कि यदि में जेल से बाहर भी आ जाऊं तो कोई उससे बात करना पसंद नहीं करेगा।
जो अपराध उसने नहीं किया उसकी सजा उसे भुगतनी पड़ रही है, शोषण भी उसका हुआ और जेल भी उसे डाल दिया गया है, उसे अब जीने की कोई तमन्ना नहीं है, वे अब अपनी जीवन लीला समाप्त कर रही है।
युवती ने ब्लैकमेलिंग के आरोपियों साईनी मैक खान, अमित गर्ग, सूमन सिंह वल्दिया और नीरज चौहान को क्लीन चिट दी है। इस पत्र के साथ राजपुर निवासी उमा बिष्ट का एक पत्र मिला है। पत्र में इस महिला ने कहा है कि वे जेल में अपने रिश्तेदार से मिलने गई थी, जेल में युवती ने खुद यह पत्र अमर उजाला के नाम लिखा है।