मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश के बहुचर्चित यौन शोषण प्रकरण में जेल में बंद सस्पेंड संयुक्त सचिव एसएस वल्दिया की अलग से जांच के आदेश दिए है।
सीएम के आदेश पर प्रमुख सचिव गृह ने इस मामले में कमिश्नर कुमाऊं को जांच अधिकारी नामित करते हुए पंद्रह दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
वल्दिया पर क्लिपिंग बनाने का आरोप
महिला के यौन शोषण प्रकरण में सस्पेंड अपर सचिव जेपी जोशी व सस्पेंड संयुक्त सचिव एसएस वल्दिया जेल में बंद है। आरोप है कि महिला के साथ वीडियो क्लिपिंग बनाने की योजना वल्दिया ने बनाई थी।
हालांकि इस मामले में पुलिस, न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है लेकिन वल्दिया के परिजनों ने मुख्यमंत्री को अलग से जांच कराने की मांग की थी।
कुमाउं कमिश्नर अवनेंद्र करेंगे जांच
उत्तराखंड सचिवालय संघ के अध्यक्ष नरेंद्र प्रसाद रतूड़ी ने भी प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मिलकर अलग से जांच कराने की मांग की थी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आज इस मामले में निर्णय लेते हुए कमिश्नर कुमाऊं से पृथक से जांच कराने के आदेश दिए।
प्रमुख सचिव गृह एमएच खान ने कमिश्नर कुमाऊं अवनेंद्र सिंह नयाल को जांच अधिकारी नामित करने के आदेश जारी कर दिए है। कमिश्नर से पंद्रह दिन के भीतर वल्दिया की भूमिका को लेकर जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।