अब जैन समुदाय को भी अल्पसंख्यकों की तरह ऋण सुविधा हासिल होगी।
उन्हें भी बैंकों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण देना होगा। अभी तक सिख, मुसलिम, ईसाई, पारसी और बौद्ध समुदाय के लोगों को ही यह सुविधा हासिल हो रही थी। अब जैन समुदाय को भी इस श्रेणी में शामिल कर लिया गया है।
इस कदम से उत्तराखंड के तकरीबन 10 हजार से अधिक जैन समाज के लोग लाभान्वित होंगे। अकेले दून में जैन समुदाय की 5 हजार से अधिक आबादी है। रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) की प्रिंसिपल चीफ जनरल मैनेजर (पीसीजीएम) सुमा वर्मा की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
बता दें कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने जैन समुदाय को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में बीते साल 27 जनवरी को नोटिफाई किया था, लेकिन बैंकों से उन्हें इस समुदाय को मिलने वाली सुविधा नहीं मिल रही थी। विभिन्न बैंक योजनाओं में अल्पसंख्यकों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण दिए जाने के साथ ही उसमें छूट का भी प्रावधान किया गया है।
इस वर्ग को ऋण दिए जाने के संबंध में पूर्व में अल्पसंख्यकों के लिए जारी की गई रिवाइज गाइड लाइन ही फालो करने को कहा गया है। स्टेट बैंक आफ पटियाला के सहायक महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय, दिनेश कश्यप के मुताबिक निर्देशों के बाद ऋण संस्तुत करने में जैन समुदाय को भी प्राथमिकता दी जाएगी।