मसूरी के क्यारकुली भूमि प्रकरण में नई बात सामने आई है। यहां आईटीबीपी की जमीन के खेवट नंबर पर 30 रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया था।
जांच में पता चला है कि इनमें से 11 लोगों ने तो खरीदी गई जमीनों के दाखिल खारिज भी करा लिए हैं। जांच अधिकारी अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने बयान दर्ज कराने के लिए जमीन बेचने वाले और 11 खरीदारों को नोटिस भेजे हैं।
11 लोगों के नाम दाखिल खारिज होने से यह मामला और उलझ गया है। जानकारों के मुताबिक दाखिल खारिज की प्रक्रिया शुरू होते ही जमीन बेचने वाले और खरीदने वाले को नोटिस भेजकर आपत्ति मांगी जाती है।
कोई आपत्ति नहीं आने पर प्रक्रिया आगे बढ़ती है। मामले की जांच कर रहे अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रताप सिंह शाह के अनुसार दाखिल खारिज के समय खरीदार को शपथपत्र देना पड़ता है, कि जमीन पर उसका कब्जा है। पटवारी की रिपोर्ट भी लगती है। पटवारी भी पुष्टि करता है कि जिसके नाम दाखिल खारिज हो रहा है, जमीन पर उसका कब्जा है।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रताप सिंह शाह का कहना है कि इससे कई सवाल उठ रहे हैं। दाखिल खारिज किस जमीन का हुआ है और कब्जा किस जमीन पर है। दाखिल खारिज की प्रक्रिया सही है या इसमें कुछ गलत हुआ है, यह भी जांच का विषय है।
शपथ पत्र दिया है और पटवारी की रिपोर्ट भी लगी है तो ज्यादा संभावना इसी बात की है कि खरीदार अपनी जमीन पर काबिज होंगे। बताया कि जमीन बेचने वाले और खरीदने वालों के बयान से काफी स्थिति साफ होगी। इसलिए जमीन बेचने वाले और दाखिल खारिज के रिकार्ड में मिले 11 खरीदारों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। इन्हें नोटिस भेज दिए गए हैं।
अन्य खरीदार दे सकते हैं बयान
अपर जिलाधिकारी का कहना है कि जिन लोगों ने दाखिल खारिज कराए हैं, उन 11 लोगों के नाम मिल गए हैं। लेकिन, जिन अन्य लोगों ने रजिस्ट्री कराई होगी और दाखिल खारिज नहीं कराया, उनका कोई रिकार्ड नहीं है। ऐसे खरीदार भी अपर जिलाधिकारी प्रशासन के कार्यालय में अपना पक्ष रख सकते हैं।
यह है मामला
क्यारकुली गांव में आईटीबीपी की ओर से अधिग्रहित की गई जमीन के खेवट नंबर की आड़ में 30 रजिस्ट्री होने की बात सामने आई थी। भूमि विवादों की जांच को बनी एसआईटी में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि जिस जमीन की रजिस्ट्री की गई है, वह आईटीबीपी ने अधिग्रहित कर ली है। एसआईटी के अलावा गढ़वाल मंडलायुक्त के आदेश पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रताप सिंह शाह भी मामले की जांच कर रहे हैं।