उत्तराखंड पर्यटन विभाग और जीएमवीएन के संयुक्त तत्वावधान में गंगा रिजार्ट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने साधकों को योग की विभिन्न क्रियाओं की जानकारी दी और अभ्यास कराया।
शरीर के भीतर नई ऊर्जा का संचार
रविवार को दूसरे दिन स्वामी सूर्येंदु पुरी ने साधकों को सूर्य क्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूर्य उदय के दौरान इस योग क्रिया का अभ्यास लाभकारी है। इससे शरीर के भीतर नई ऊर्जा का संचार होता है।
मानव शरीर में सूर्य जैसे तेज की अनुभूति होने लगती है। योगी करणपाल ने साधकों को पावर योग की जानकारी दी। उन्होंने साधकों के समक्ष लोहे की मोटी सांकल (हाथी चेन) को पावर योग की शक्ति से तोड़ा और लोहे की रॉड को मोड़ दिया।
उन्होंने बताया कि इस योग में अपूर्व शक्ति निहित है। नियमित अभ्यास से ऐसा संभव है।
महोत्सव के तहत साधकों को योगांजलि योगा केंद्र, महर्षि वशिष्ठ केंद्र, महर्षि गौतम केंद्र, महर्षि अत्री केंद्र और महर्षि भारद्वाज योग केंद्र पर योगाचार्य आरएस भोगाल, डॉ. एलएन जोशी, डॉ. अमित राठी, योगी गंगा पुरी, मोनिका बंसल, सीएम भंडारी, मारियन मास आदि ने योग की विभिन्न विधाओं की जानकारी दी।
साधकों ने स्वामी नारायण घाट पर सांध्यकालीन गंगा आरती में भाग लिया। इस मौके पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया।
हृदय चक्र के खुलने की विधि बताई
योग महोत्सव के दूसरे दिन ध्यान, योग विधा के विशेषज्ञों, योगाचार्यों और आध्यात्मिक गुरुओं ने विदेशी साधकों को यौगिक क्रियाओं की जानकारी दी और आध्यात्म के जरिए आत्म कल्याण का मार्ग बताया।
परमार्थ निकेतन में रविवार को ब्रह्ममुहूर्त से ध्यान-योग की कक्षाएं आरंभ हुई। इस मौके पर इटली के रोबर्टो मिलेटी ने साधकों को ओडाका बैरियर फ्लो, आसन और प्राणायाम का अभ्यास कराया।
दीर्घजीवन प्राप्त करने का रहस्य
चाइना के डेविड वाई ने टाई सी गोंग और हठ योग के माध्यम से हृदय चक्र के खुलने की विधि बताई। स्वामी योगानंद ने सुक्ष्य योग के जरिए स्वस्थ रहने और दीर्घजीवन प्राप्त करने का रहस्य बताया।
यूएसए की लौरा प्लंब ने डीप योग का अभ्यास कराया। योग की विभिन्न कक्षाओं में कैलिफोर्निया की गुरुमुख कौर खालसा ने कुंडलिनी योग, भारत भूषण ने भरत योग और सूर्य ध्यान, एचएस अरुण ने आयंगार योग के बारे में विस्तृत जानकारी दी।