देहरादून के एमकेपी पीजी कॉलेज की वूमन सेल ने अमर उजाला फाउंडेशन के जीवनदात्री अभियान से जुड़ने का फैसला किया है।
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सेल की समन्वयक डॉ. गीता बलोदी ने कहा कि कालेज की एनएसएस की छात्राएं जीवनदात्री क्लब के प्रति जागरूकता बढ़ाएंगी। डब्ल्यूएचओ के ब्लड डाटा सेफ्टी रिसर्च के मुताबिक कुल रक्तदान में से केवल दस प्रतिशत रक्तदाता महिलाएं होती हैं।
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रक्तदान करने के लिए आने वाली छात्राओं में से महज सात प्रतिशत ही खून दान कर पाती हैं। डा. गीता बलोदी ने बताया कि यह स्थिति बदलने की आवश्यकता है। कहा कि यह काम तभी संभव होगा, जब महिलाओं में रक्तदान के प्रति जागरूकता आएगी।
रक्तदान-महादान
अमर उजाला फाउंडेशन ब्लड डोनर्स क्लब के सदस्यों की संख्या बढ़ती जा रही है। रक्तदान करके महादान करने वालों की फेहरिस्त में नाम जुड़वाने के लिए लोगों में गजब का उत्साह है।
पहले रक्तदान करने वाले तो जुड़ ही रहे हैं ऐसे युवा भी जुड़ रहे हैं जो पहली बार इस महादान में शिरकत करेंगे। डॉक्टरों की सलाह है कि रक्तदान बराबर करते रहना चाहिए।
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रक्तदान से सेहत दुरुस्त रहती है। साथ ही किसी का जीवन बच जाता है। एक मरीज की जिंदगी बचने पर एक परिवार तबाही से बच जाता है।
दून अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एसके नौटियाल ने बताया कि अगर लोग स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक हो जाएं तो पेशेवर रक्तदाताओं की समस्या से निजात मिल जाएगी।
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डॉक्टरों का कहना है कि कई बार मरीजों को उनके ग्रुप का ब्लड नहीं मिल पाता है। अमर उजाला फाउंडेशन के ब्लड डोनर्स क्लब के गठन से ऐसे मरीजों को राहत मिलेगी।
क्लब के सदस्यों का संकल्प है कि ऐसी स्थिति ही नहीं आने देंगे जिससे कोई मरीज रक्त न मिलने की स्थिति में खत्म हो जाए।