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उत्तराखंड: एम्स में ब्लैक फंगस से एक और मौत, प्रदेश में 15 नए संक्रमित मिले, 133 पहुंची मरीजों की संख्या

Tue, 25 May 2021 10:12 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून/ ऋषिकेश

सार

प्रदेश में ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) के लगातार नए मामले सामने आ रहे हैं। मंगलवार को 15 और मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। इसी के साथ कुल मरीजों की संख्या 133 हो गई है।
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ऋषिकेश एम्स - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में ब्लैक फंगस से देहरादून निवासी एक मरीज की मौत हो गई। वहीं ब्लैक फंगस के 15 नए मरीज भी मिले हैं। एम्स में ब्लैक फंगस के अब तक 92 केस मिले हैं। इनमें से एम्स में अब सात संक्रमितों की मौत भी हो चुकी है।    

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एम्स ऋषिकेश में ब्लैक फंगस संक्रमितों का आंकड़ा सौ के पार होने जा रहा है। एम्स ऋषिकेश के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया मंगलवार को देहरादून के माजरा निवासी 68 वर्षीय मरीज की उपचार के दौरान मौत हो गई।

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उन्होंने बताया मरीज ब्लैक फंगस के संक्रमण से ग्रस्त था। उन्होंने बताया स्वस्थ होने के बाद एक मरीज को डिस्चार्ज भी किया गया है। हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि अब तक संस्थान में ब्लैक के 92 मरीज मिल चुके है।

इनमें सात संक्रमितों की उपचार के दौरान मौत हुई थी। जबकि दो मरीजों को स्वस्थ्य होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। उन्होंने बताया वर्तमान में म्यूकोरमाइकोसिस केयर वार्ड में 83 मरीज भर्ती है।  

कोरोना संक्रमण के साथ बढ़ रहे ब्लैक फंगस के मामले

संक्रमितों का इलाज देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले के अस्पतालों में चल रहा है। अब तक ब्लैक फंगस से 11 मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि ब्लैक फंगस से पीड़ित नौ मरीज ठीक भी हुए हैं। 

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में ब्लैक फंगस के 15 और मरीज मिले हैं। अभी तक तीन जिलों में ही ब्लैक फंगस के मामले सामने आ रहे हैं। सबसे ज्यादा मरीज एम्स ऋषिकेश में भर्ती है। देहरादून जिले में 126, नैनीताल में छह और ऊधमसिंह नगर जिले में एक ब्लैक फंगस का मामला सामने आया है। 

प्रदेश में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने अब इलाज के लिए 12 डेडिकेटिड कोविड अस्पतालों को अधिकृत किया है। सरकार की ओर से सीधे ब्लैक फंगस के इंजेक्शन व दवाइयों कोविड अस्पतालों को भेजी जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के अन्य अस्पताल ब्लैक फंगस का इलाज करते हैं तो सरकार की तरफ से किसी तरह की कोई सहायता नहीं की जाएगी। 
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एसटीएच में ब्लैक फंगस के दो और संदिग्ध मरीज भर्ती

सुशीला तिवारी अस्पताल में ब्लैक फंगस के दो और संदिग्ध मरीज भर्ती हुए हैं। दोनों मरीजों की आंख में लाली के साथ ही अन्य लक्षण हैं। वहीं, किच्छा के ब्लैक फंगस के मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है। 

एसटीएच में पिछले सप्ताह नानकमत्ता के ब्लैक फंगस के मरीज की मौत हो गई थी। मरीज कोविड पॉजिटिव भी था। एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि दमुवाढूंगा हल्द्वानी निवासी 64 वर्षीय कोविड पॉजिटिव मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण भी हैं।

मरीज की हालत गंभीर है। चेहरे पर सूजन भी है। काशीपुर निवासी 63 वर्षीय मरीज की कोविड रिपोर्ट निगेटिव है। मरीज की आंखों में लाली के साथ सूजन जैसे लक्षण हैं। दोनों का इलाज शुरू कर दिया गया है। डॉ. जोशी ने बताया कि ब्लैक फंगस के इलाज में प्रयोग किए जाने वाले इंजेक्शन एम्फोटेरेसिन की बीस वॉयल आई हैं।
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