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अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव 2021: गुणवत्ता में कश्मीर और हिमाचल से कम नहीं उत्तराखंड का सेब

Fri, 24 Sep 2021 10:04 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

International Apple Festival 2021: नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर के किसान देवेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि पहले उत्तराखंड में सेब उत्पादन के प्रति ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन अब एप्पल मिशन के बाद इस दिशा में अच्छा काम हुआ है।
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अंतरराष्ट्रीय सेब महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेब के उत्पादन में भले ही उत्तराखंड जम्मू कश्मीर और हिमाचल से पीछे है, लेकिन गुणवत्ता के मामले में यहां का सेब कम नहीं है। प्रदेश के सेब उत्पादक किसान चाहते हैं कि दोनों राज्यों की तर्ज पर सरकार सेब की ब्रांडिंग व मार्केटिंग को बढ़ावा देने के साथ ही अच्छी किस्म के पौधे और किसानों को पैदावार करने का प्रशिक्षण दिया जाए। 

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नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर के किसान देवेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि पहले उत्तराखंड में सेब उत्पादन के प्रति ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन अब एप्पल मिशन के बाद इस दिशा में अच्छा काम हुआ है। प्रदेश का सेब गुणवत्ता में हिमाचल और जम्मू कश्मीर से पीछे नहीं है। ब्रांडिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा देने की जरूरत है। बिष्ट का कहना है कि अप्रैल 2021 में उन्होंने कोविड काल में सेब का बगीचा तैयार इटली से लाए गए रूट स्टॉक तकनीक से 250 पौधे लगाए। अब पांच-छह माह में भी सेब की फसल तैयार हुआ हुई। बार 258 बॉक्स सेब तैयार हुआ है। जो चार लाख में बिका है। 

नैनीताल के गोपाल सिंह रेकुनी का कहना है कि प्रदेश में भी अच्छी गुणवत्ता का सेब उत्पादित किया जा रहा है। पहले हमने सेब उत्पादन बढ़ाने की तरफ ध्यान नहीं दिया। पिछले चार पांच सालों में सेब उत्पादन पर काम हो रहा है। 
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चमोली जिले के जोशीमठ से आए नरेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि उत्तराखंड की पहचान आर्गेनिक है। किसान सेब पर ज्यादा रसायनिक दवाईयों का इस्तेमाल नहीं करते हैं। सरकार को सेब की ब्रांडिग और पैकेजिंग के लिए किसानों को प्रोत्साहन देना चाहिए। 

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सेब उत्पादन के जमीन स्तर पर क्रांति लाने की जरूरत

शिमला जिले के कोटखाई के प्रगतिशील किसान प्रेम चौहान ने सेब उत्पादन के लिए जमीनी स्तर पर क्रांति लाने की जरूरत है। इसके लिए किसान को नई तकनीकी के साथ सेब पैदावार के लिए कौशल दक्षता होनी चाहिए। किसानों को सेब उत्पादन करने के लिए दिमागी तौर मजबूत करना होगा। तभी इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे। प्रेम चौहान ने कोटखाई में एक बीघा जमीन में एक हजार सेब के पौधे लगाकर उत्पादन कर रहे हैं। उनका सेब दुबई समेत अन्य देशों को निर्यात हो रहा है। 

उत्तराखंड में जिला वार सेब का क्षेत्रफल और उत्पादन
जिला                  क्षेत्रफल           उत्पादन मीट्रिक टन
उत्तरकाशी          9925.08           20191.50
नैनीताल             1244.67           8550
अल्मोड़ा            1578                 14080
बागेश्वर               99.07               14.20
पिथौरागढ़          1620.50            3043.20
चंपावत              329                   331
देहरादून            4956.34            7807.50
पौड़ी                1166.99             2980.80
टिहरी               3857.20             1984.30
चमोली             1286.44              891.76
रुद्रप्रयाग           422.10                215.25 
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