शिमला जिले के कोटखाई के प्रगतिशील किसान प्रेम चौहान ने सेब उत्पादन के लिए जमीनी स्तर पर क्रांति लाने की जरूरत है। इसके लिए किसान को नई तकनीकी के साथ सेब पैदावार के लिए कौशल दक्षता होनी चाहिए। किसानों को सेब उत्पादन करने के लिए दिमागी तौर मजबूत करना होगा। तभी इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे। प्रेम चौहान ने कोटखाई में एक बीघा जमीन में एक हजार सेब के पौधे लगाकर उत्पादन कर रहे हैं। उनका सेब दुबई समेत अन्य देशों को निर्यात हो रहा है।
उत्तराखंड में जिला वार सेब का क्षेत्रफल और उत्पादन
जिला क्षेत्रफल उत्पादन मीट्रिक टन
उत्तरकाशी 9925.08 20191.50
नैनीताल 1244.67 8550
अल्मोड़ा 1578 14080
बागेश्वर 99.07 14.20
पिथौरागढ़ 1620.50 3043.20
चंपावत 329 331
देहरादून 4956.34 7807.50
पौड़ी 1166.99 2980.80
टिहरी 3857.20 1984.30
चमोली 1286.44 891.76
रुद्रप्रयाग 422.10 215.25