फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीमा कंपनी को देना होगा क्षतिग्रस्त जेसीबी का क्लेम

विज्ञापन
विज्ञापन
स्थाई लोक अदालत देहरादून ने बीमा कंपनी को क्षतिग्रस्त जेसीबी का क्लेम देने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति व अन्य खर्च अदा करने को भी कहा गया है। मामले में तीन साल का ब्याज भी देना होगा।ं
विज्ञापन

स्थाई लोक अदालत में जेसीबी के मालिक आशुतोष गुसाईं ने दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम दिलाने के लिए वाद दायर किया था। गुसाईं के मुताबिक उन्होंने 24 लाख रुपये में जेसीबी खरीदी थी। 19 नवंबर 2018 को उनका ड्राइवर जेसीबी से मुयाल गांव गोरिया रोड पर काम कर रहा था। शाम सात बजे वह काम खत्म करने के बाद मुयाल गांव की ओर चला तो रास्तेम में मज्याड़ी मोटर मार्ग, कोतवाली घनसाली टिहरी गढ़वाल में जेसीबी में ब्रेक नहीं लगे और वह नदी में जा गिरी। इससे जेसीबी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। गुसाईं ने इंश्योरेंस कंपनी से 24 लाख रुपये का क्लेम मांगा, लेकिन कंपनी ने यह क्लेम खारिज कर दिया। कंपनी का तर्क था कि जो चालक जेसीबी चला रहा था उसके पास तो ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं था। मामला जब स्थाई लोक अदालत में आया तो थाने की जीडी व पंचायतनामा रिपोर्ट का भी अवलोकन किया गया। पता चला कि जिस चालक का कंपनी ने जिक्र किया है वह नहीं बल्कि कोई और ड्राइवर उसे चला रहा था। इस तर्क को अदालत ने खारिज करते हुए शनिवार को फैसला सुनाया। राजीव कुमार की अध्यक्षता और मंजुश्री सकलानी व उपेंद्र सिंह व सदस्य वाली पीठ ने यह बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह 19 लाख रुपये तो क्लेम, 25 हजार रुपये मानसिक संवेदना और एक लाख रुपये आर्थिक हानि के गुसाईं को अदा करे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें