पेशी पर लाए गए अजय गुप्ता और उसके बहनोई अनिल गुप्ता पर न्यायालय परिसर के बाहर भीड़ ने स्याही फेंक दी। वहां पर एक संगठन के कार्यकर्ता बंदी वैन का सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए घुसे थे। उन्होंने वहां पर गुप्ता मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। बाहर हुई इस घटना के बाद पुलिस ने कचहरी परिसर को छावनी बना दिया। मौके पर कोतवाली और आसपास के थानों की पुलिस को तैनात कर दिया गया। लेकिन, इस घटना से कचहरी के भीतर अधिवक्ताओं में खासी नाराजगी जताई और बंदियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए। इस मामले को गुप्ता की पेशी के वक्त न्यायालय में भी उठाया गया।
साहनी आत्महत्या प्रकरण में आरोपी अजय गुप्ता और उसके बहनोई अनिल गुप्ता को बढ़ी धाराओं में न्यायिक अभिरक्षा की मांग के लिए कोर्ट में पेश किया जाना था। रोज की तरह शनिवार को भी बंदियों की एक वैन पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच करीब 10.45 बजे कचहरी परिसर के बाहर पहुंची थी। वैन से एक-एक कर बंदियों को उतारा जा रहा था। इसी बीच जब गुप्ता और उसके बहनोई को उतारा गया तो वहां खड़े कुछ लोग उग्र हो गए। सुराज सेवा दल नाम के एक संगठन के नेता रमेश जोशी व उनके साथियों ने गुप्ता और उसके बहनोई पर स्याही फेंक दी और मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे।
जैसे-तैसे बंदी सुरक्षा में तैनात सिपाहियों ने गुप्ता व उसके बहनोई को कोर्ट हवालात तक पहुंचाया। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने भी वहां पर बड़ी संख्या में फोर्स तैनात कर दी। आलम यह था कि कोर्ट रूम के बाहर से लेकर गेट, हवालात के बाहर और कचहरी के अन्य दरवाजों पर भी पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया गया। खुद एसएसपी अजय सिंह भी मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को देखने पहुंचे। पुलिस लंच के बाद अजय गुप्ता और उसके बहनोई को एसीजेएम तृतीय की कोर्ट लेकर पहुंची। यहां दोनों पक्षों में बहस हुई तो वहां पर सुरक्षा के इस मुद्दे को भी उठाया गया।
अब वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी दोनों गुप्ता की पेशी
आरोपियों के अधिवक्ताओं ने कोर्ट में दोनों की सुरक्षा को लेकर एक प्रार्थनापत्र भी दिया। अधिवक्ताओं ने कहा कि गुप्ता और उसके बहनोई अनिल गुप्ता को जेल और बाहर भी सुरक्षा मिलनी चाहिए। उनकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कराने की मांग की गई। इसके साथ ही स्याही फेंकने के मामले में एफआईआर दर्ज करने और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग भी की गई। इस पर अदालत ने जेल प्रबंधन को आदेश दिए कि गुप्ता और उसके बहनोई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही पेश किया जाए। इसके साथ ही दोनों की सुरक्षा का जेल में भी ध्यान रखा जाए। ताकि, भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।