घने जंगलों में युद्ध कौशल में महारत हासिल करने के लिए भारत नेपाल सेना का संयुक्त युद्धाभ्यास सोमवार को शुरू हो गया है।
आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चलाने की रणनीति इंडो नेपाल सूर्यकिरण-7 का मुख्य फोकस है।
उत्तर भारत एरिया के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल आरएन नायर ने पिथौरागढ़ सैन्य छावनी में युद्धाभ्यास से पहले दोनों और की सेनाओं को मौजूदा आतंकवाद की चुनौतियों से अवगत करवाया।
31 अक्टूबर तक चलेगा प्रशिक्षण
इंडो नेपाल संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास सूर्य किरण 7 में सैन्य प्रशिक्षण 31 अक्टूबर तक चलेगा। गरुड़ डिवीजन की मदद से आयोजित होने वाले युद्धाभ्यास में पिथौरागढ़ की 6 हजार फीट ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्य चलेगा।
वर्ष 2011 में मिजोरम से शुरू हुए संयुक्त सैन्य अभ्यास को अब बटालियन स्तर पर आयोजित किया जाता है, जिसमें दोनों और से तीन तीन सौ सैनिक मौजूद रहते हैं। युद्धाभ्यास का उद्देश्य सब यूनिट स्तर की रण कौशलता व आंतरिक सैन्य कार्रवाई की धार को तेज करना है।
युद्धनीति बनाने में बल मिलेगा
सैनिकों को आपदा प्रबंधन के गुर भी इस अभ्यास में सिखाए जाते हैं। सेना का मानना है कि दोनों सेनाओं को आपसी युद्धनीति बनाने में और अधिक बल मिलेगा, जिससे सांस्कृतिक व ऐतिहासिक संबंध भी और बेहतर होंगे।
युद्ध अभ्यास के दौरान नेपाल सेना के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी पहुंचेंगे।